यूपी हेल्थ रैंकिंग में वाराणसी ने गाड़ा झंडा: 0.81 स्कोर के साथ प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान

उत्तर प्रदेश हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड (अगस्त 2026) में वाराणसी ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया! जिले ने 0.81 के संयुक्त स्कोर के साथ जुलाई के मुकाबले 30.65% का बड़ा उछाल दर्ज किया। मुजफ्फरनगर दूसरे व लखनऊ तीसरे स्थान पर। CMO डॉ. एन.पी. सिंह ने स्वास्थ्य टीम और आशा कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय। पढ़िए PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

महविश कुरैशी 

वाराणसी (PNN24 News, 27 सितंबर 2026): उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र से काशीवासियों के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ‘उत्तर प्रदेश हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड’ (अगस्त 2026) के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी जिले ने पूरे राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है।

वाराणसी ने 0.81 के संयुक्त स्कोर (Composite Score) के साथ यह शीर्ष रैंक हासिल की है। विशेष बात यह है कि पिछले महीने (जुलाई 2026) की तुलना में जिले के स्वास्थ्य प्रदर्शन में 30.65 प्रतिशत का विशाल उछाल देखा गया है। इस रैंकिंग में मुजफ्फरनगर और राजधानी लखनऊ 0.73 स्कोर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं।

🩺 इन प्रमुख स्वास्थ्य मानकों में वाराणसी का शतक (100% लक्ष्य)

हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड में जिलों की रैंकिग का आकलन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, टीबी नोटिफिकेशन और एचआईवी जांच जैसे कई जीवनरक्षक एवं बुनियादी मानकों पर किया जाता है। अगस्त 2026 के आंकड़ों में वाराणसी ने कई क्षेत्रों में 100% सफलता दर्ज की:

  • गर्भवती महिलाओं की देखभाल: 4 या उससे अधिक एएनसी (ANC) जांच और हीमोग्लोबिन जांच कराने वाली गर्भवती महिलाओं का अनुपात 100% दर्ज किया गया।
  • सुरक्षित संस्थागत प्रसव: अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव का आंकड़ा 95.95% रहा, जबकि नवजात शिशुओं की घर पर देखभाल (HBNC विजिट) में स्वास्थ्य कर्मियों को 100% सफलता मिली।
  • पूर्ण बाल टीकाकरण: बच्चों के पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 97.98% रही। पेंटावैलेंट-3 और बीसीजी का अनुपात 1.53 दर्ज किया गया।
  • टीबी और एचआईवी स्क्रीनिंग: टीबी (TB) नोटिफिकेशन दर और गर्भवती महिलाओं की एचआईवी (HIV) जांच, दोनों ही मानक शत-प्रतिशत (100%) दर्ज किए गए।
  • परिवार नियोजन सेवाएं: स्थायी परिवार नियोजन अपनाने वालों की दर 1.21 और प्रतिवर्ती (रिवर्सिबल) विधि अपनाने वालों की दर 17.43 प्रति 1000 पात्र दंपति रही।

💬 “यह टीम वर्क और जमीनी मेहनत का नतीजा”: डॉ. एन.पी. सिंह (CMO, वाराणसी)

वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.पी. सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए इसका पूरा श्रेय जिले के स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम को दिया है।

“वाराणसी का प्रदेश में प्रथम स्थान पाना केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए गए निरंतर प्रयास, गुणवत्तापूर्ण देखभाल और बेहतर मॉनिटरिंग का प्रतिफल है। हम इस रैंकिंग को सिर्फ एक सफलता मानकर रुकने वाले नहीं हैं, बल्कि इसे आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।”

— डॉ. एन.पी. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी

सीएमओ ने जिले के सभी चिकित्सा अधिकारियों, डॉक्टरों, एएनएम (ANM), लैब टेक्नीशियन और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन क्षेत्रों में और सुधार की गुंजाइश है, उनकी नियमित समीक्षा कर आम जनता को पारदर्शी और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।

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