“मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दें इस्तीफा!” — CJP का 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान; जंतर-मंतर से देशव्यापी आंदोलन की तैयारी’

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का हल्लाबोल! CJP प्रवक्ता सौरव दास ने 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को मुंबई में बड़े प्रदर्शन का किया ऐलान, इसके बाद जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन। जानिए क्या है चुनाव आयोग से जुड़ी इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट और CJP की रणनीति, PNN24 पर।

आदिल अहमद

PNN24 News: इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) के कामकाज को लेकर देश में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोach जनता पार्टी (CJP) ने मोर्चा खोल दिया है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने ऐलान किया है कि कल यानी शुक्रवार, 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को वे मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेंगे।

सौरव दास ने स्पष्ट किया कि मुंबई में विरोध प्रदर्शन के बाद सीजेपी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पहुंचेगी और वहां से पूरे देश में इस आंदोलन का विस्तार करेगी।

📢 “SIR को लेकर पूरे देश में फैलाएंगे जागरूकता” — सौरव दास

पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य एसआईआर (SIR) को लेकर देश भर के नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाना और चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित कराना है।

इंडिया ब्लॉक के मार्च पर क्या बोले सौरव दास? जब उनसे सवाल किया गया कि चुनाव आयोग के दफ़्तर तक ‘इंडिया ब्लॉक’ भी मार्च निकालने वाला है और क्या सीजेपी उसमें शामिल होगी? इस पर उन्होंने सीधा जवाब न देते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इस मुद्दे पर सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा—

“दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि पिछले 12-13 वर्षों में देश में एक ऐसा तबका सामने आया है, जिसे लगता है कि पूरे देश का ठेका सिर्फ़ उनके पास है। देश और लोकतंत्र ऐसे नहीं चल सकता। इस देश पर सभी देशवासियों का समान अधिकार है और अगर व्यवस्था को बदलना है, तो सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।”

🏛️ “क्या गांधी जी दांडी मार्च के लिए परमिशन लेते?” — अनुमति विवाद पर करारा जवाब

प्रदर्शन के लिए पुलिस और प्रशासन से अनुमति (परमिशन) लेने के मुद्दे पर सौरव दास ने कड़ा एतराज जताया।

उन्होंने कहा—

“परमिशन की बात पूरी तरह बेतुकी है। कल 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती है। जरा सोचिए, अगर महात्मा गांधी अंग्रेज़ों के पास जाकर कहते कि उन्हें दांडी मार्च निकालने के लिए दो घंटे की अनुमति चाहिए, तो क्या होता? वर्तमान सरकार नहीं चाहती कि जनता और विपक्ष प्रदर्शन करे, इसीलिए ‘परमिशन’ जैसी बेतुकी अवधारणा लोगों के दिमाग में डाली गई है।”

📑 क्या है विवाद का कारण? (इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट)

विपक्षी दलों और सीजेपी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग के पीछे ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट है।

इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के अन्य दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों के दौरान आयोग द्वारा लिए गए विभिन्न फ़ैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्ति (Dissent) दर्ज कराई थी। इस खुलासे के बाद से ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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