‘PNN24 नेशनल एक्सक्लूसिव: जंतर-मंतर छावनी में तब्दील! CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने नहीं दी अनुमति; धारा 163 लागू, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी’
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP और विपक्षी नेताओं का विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू, भारी पुलिस बल तैनात, मेट्रो स्टेशन बंद और इंटरनेट सेवाएं ठप। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल। PNN24 पर देखिए exclusive ग्राउंड अपडेट्स।

महविश कुरैशी
नई दिल्ली (PNN24 News): देश की राजधानी नई दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के खिलाफ 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया है।

प्रदर्शन की घोषणा के बाद राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले इलाकों में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
🚧 जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू, मेट्रो स्टेशन बंद और भारी बल तैनात
दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर की सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के पूरे इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया है।



📢 “इंटरनेट बंद, लोग हिरासत में लिए जा रहे” — वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण का बड़ा आरोप
प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में शामिल वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की इस कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है।

“सरकार और पुलिस लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। जंतर-मंतर पर एक तरह से अघोषित आपातकाल की स्थिति बना दी गई है। एक तरफ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं, तो दूसरी तरफ इंटरनेट सेवाएं ठप हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर की पूरी घेराबंदी कर ली है और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने आ रहे लोगों को जबरन पुलिस की गाड़ियों में ठूंसकर हिरासत में लिया जा रहा है।”
🏛️ क्या है पूरा विवाद? (CJP का रुख और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली)
















