मदीना में ड्रोन हमले के दावे पर भड़के पाकिस्तान और कतर; बताया “पवित्रता पर गंभीर आघात”, तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग’
सऊदी अरब के मदीना में सिविल इलेक्ट्रिसिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए ड्रोन हमले के दावे के बाद दुनिया भर में आक्रोश! पाकिस्तान और कतर ने इस हमले की घोर निंदा करते हुए इसे इस्लाम के पवित्र स्थलों पर गंभीर आघात और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। पढ़िए PNN24 पर दोनों देशों का पूरा आधिकारिक बयान।

तारिक खान
PNN24 News: सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना में एक बुनियादी बिजली आपूर्ति ढांचे (सिविल इलेक्ट्रिसिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर) पर हुए कथित ड्रोन हमले की खबर के बाद मुस्लिम जगत में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस संवेदनशील घटना पर पाकिस्तान और कतर के विदेश मंत्रालयों ने कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की घोर निंदा की है और इसे वैश्विक मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य करार दिया है।
🇵🇰 पाकिस्तान की सख्त प्रतिक्रिया: “लाखों मुसलमानों की भावनाओं पर चोट”
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने 29 सितंबर, 2026 को मदीना में हुए इस हमले की तीखी आलोचना करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है:
- घोर निंदा व गंभीर उकसावा: विदेश कार्यालय ने कहा कि पैगंबर की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) को बिजली आपूर्ति करने वाले नागरिक ढांचे को निशाना बनाना एक अत्यंत गंभीर और अस्वीकार्य उकसावा है।
- तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर जोर: पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि यह हमला दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों के लिए गहरी चिंता और दुख का कारण है। पवित्र स्थलों, तीर्थयात्रियों और उनसे जुड़े नागरिक बुनियादी ढांचों की सुरक्षा का हर हाल में पूर्ण सम्मान किया जाना चाहिए।
🇶🇦 कतर का बयान: “सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन”
कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है:
- पवित्रता पर हमला: कतर ने इस हमले को इस्लाम के सबसे पावन स्थलों की पवित्रता पर सीधा आघात और दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया।
- अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अवहेलना: कतर के विदेश मंत्रालय के अनुसार, आम नागरिकों और असैन्य ढांचे की सुरक्षा की अनदेखी करते हुए किया गया यह हमला सऊदी अरब की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के स्थापित नियमों का खुला उल्लंघन है।
- तत्काल रोक की मांग: कतर ने इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाली सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोके जाने की पुरजोर मांग की है।












