मदीना में पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर ड्रोन हमला! मस्जिद-ए-नबवी की बिजली आपूर्ति वाले प्लांट को बनाया निशाना; OIC, UAE व कतर ने की घोर निंदा’
सऊदी अरब के मदीना में 'तैबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन' पर ड्रोन हमला! पैगंबर की मस्जिद (मस्जिद-ए-नबवी) को बिजली देने वाले इस सबस्टेशन पर हमले के लिए सऊदी गठबंधन ने यमन के हूती विद्रोहियों को ठहराया जिम्मेदार। OIC, UAE, कतर और अल-अजहर ने की कड़ी निंदा। पढ़िए PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

आदिल अहमद
PNN24 News: सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। 29 सितंबर, 2026 की सुबह तड़के करीब 5:11 बजे मदीना स्थित ‘तैबा पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन’ (Taiba Power Distribution Station) को निशाना बनाकर एक ड्रोन हमला किया गया। यह पावर सबस्टेशन इस्लाम के दूसरे सबसे पवित्र स्थल ‘पैगंबर की मस्जिद’ (मस्जिद-ए-नबवी) को मुख्य रूप से बिजली की आपूर्ति करता है।

🇸🇦 सऊदी गठबंधन का दावा: हूती विद्रोहियों का हाथ
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हमले के बाद मौके से मिले मलबे और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर यमन के हूती विद्रोहियों को इस हमले के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।
सऊदी गठबंधन ने कहा कि नागरिक और पावन धार्मिक स्थलों को बिजली देने वाले बुनियादी ढांचे (Civil Infrastructure) को निशाना बनाना एक गंभीर उकसावा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
हूती विद्रोहियों का इनकार: दूसरी ओर, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हूती प्रतिनिधियों ने एक बयान जारी कर इस हमले में अपनी किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है और इसे झूठा व भ्रामक दावा करार दिया है।
🌍 मुस्लिम जगत में भारी आक्रोश, OIC और अरब देशों ने की निंदा
मदीना के पावर स्टेशन को निशाना बनाए जाने की खबर फैलते ही वैश्विक स्तर पर मुस्लिम जगत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है:
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OIC (इस्लामिक सहयोग संगठन): OIC ने बयान जारी कर इस हमले की सख्त शब्दों में भर्त्सना की और इसे पवित्र स्थलों की शांति व सुरक्षा पर हमला बताया।
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अरब देश (UAE, कतर, जॉर्डन, बहरीन): संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, जॉर्डन और बहरीन के विदेश मंत्रालयों ने अलग-अलग बयान जारी कर सऊदी अरब की संप्रभुता के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना हमलों को तुरंत रोकने की मांग की।
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अल-अजहर संस्थान: मिस्र के प्रसिद्ध इस्लामिक संस्थान अल-अजहर ने भी हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया।
उल्लेखनीय है कि इस घटना से कुछ सप्ताह पहले भी मक्का के समीप इसी तरह के एक संदिग्ध हमले का दावा सामने आया था, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।











