‘PNN24 ग्राउंड रिपोर्ट: सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? नारायणपुर बाईपास की बदहाली से नर्क बना सफर, राहगीर बेहाल—आखिर जिम्मेदार कौन?’
नारायणपुर (मीरजापुर) बाईपास बना हादसों का अड्डा! गड्ढों में तब्दील हुई वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे की सड़क, रोजाना लग रहा जाम और हो रही बहस। जनता पूछ रही है सवाल— मरम्मत के दावों की पोल खोलने वाले इस नर्क जैसे सफर का जिम्मेदार कौन? पढ़िए PNN24 की ग्राउंड रिपोर्ट।

मुस्कान अंसारी
नारायणपुर/मीरजापुर (PNN24 News): रामनगर बाईपास को चुनार और मीरजापुर से जोड़ने वाले अति-व्यस्त नारायणपुर बाईपास मार्ग (वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे 5A-1) की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय और जानलेवा बन चुकी है। प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ाती इस सड़क पर चलना अब आम जनता के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।

⚠️ धीमी रफ्तार और लापरवाही से जनता त्रस्त, बढ़ रहा तनाव
इस मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन और भारी मालवाहक गाड़ियां गुजरती हैं। लेकिन निर्माण व पैचवर्क का काम इतनी कछुआ गति से चल रहा है कि राहगीरों के सब्र का बांध अब टूट चुका है:
- घंटों का जाम और धीमी रफ्तार: गड्ढों के कारण चालकों को अपने वाहनों की रफ्तार अचानक धीमी करनी पड़ती है, जिससे आए दिन लंबा जाम लग रहा है।
- रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित: समय पर दफ्तर पहुंचने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं और आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जा रहे मरीज घंटों इस अव्यवस्था में फंसने को मजबूर हैं।
- सड़क पर तनाव और झगड़े: तंग और टूटी सड़क से पहले निकलने की होड़ में आए दिन चालकों के बीच कहासुनी, बहस और आपसी तनातनी का माहौल बन रहा है।
- दोपहिया चालकों के लिए काल बने गड्ढे: बिखरी गिट्टियों और गहरे गड्ढों के कारण बाइक और स्कूटी सवार लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
📢 “सिर्फ कोरे आश्वासन मिले, धरातल पर काम शून्य” — स्थानीय निवासी
यह पहला मौका नहीं है जब नारायणपुर क्षेत्र के इस प्रमुख मार्ग की बदहाली की आवाज उठी हो। पूर्व में भी कई बार शिकायतों और खबरों के बावजूद लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिम्मेदार एजेंसियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जब भी आवाज उठाई जाती है, तो विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन का झुनझुना थमा देते हैं, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।
❓ जनता के तीखे सवाल: आखिर कौन लेगा इस तबाही की जिम्मेदारी?
आक्रोशित जनता और दैनिक राहगीर सीधे तौर पर शासन-प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं:
- जब यह एक अति-व्यस्त स्टेट हाईवे का हिस्सा है, तो इसकी मरम्मत में इतनी आपराधिक लापरवाही क्यों?
- क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
- अगर इस गड्ढेनुमा सड़क की वजह से कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन अधिकारी होगा?
PNN24 की मुख्य मांग: स्थानीय जनता की मांग है कि संबंधित विभाग और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके का मुआयना करें। सड़क की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए, मलबे को हटाया जाए और निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच हो।











