सेना की 514 एएससी बटालियन में बतौर नायक मयंक का शव पहुंचते ही गाँव में मचा कोहराम

अंजनी राय 
बलिया। सेना की 514 एएससी बटालियन में बतौर नायक देहरादून में तैनात चितबड़ागांव निवासी मयंक शेखर तिवारी का शव पहुंचते ही चारों तरफ कोहराम मच गया। भारी संख्या में भीड़ उनके दरवाजे पर जमा हो गई। सभी की आंखें नम थी।

चितबड़ागांव के शास्त्री नगर वार्ड निवासी मयंक शेखर तिवारी (38) पुत्र अंगद तिवारी देहरादून में 514 एएससी बटालियन में बतौर नायब तैनात थे। शुक्रवार को उनका शव उनके कलोनी स्थित आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। जानकारी मिलने पर परिजन चितबड़ागांव से देहरादून के लिए रवाना हुए। सेना द्वारा विभिन्न औपचारिकता पूरी करने के पश्चात रविवार की सुबह परिजनों को शव सुपुर्द किया गया। परिजन वहां से शव लेकर सोमवार की सुबह चितबड़ागांव पहुंचे। शव पहुंचते ही दरवाजे पर भारी भीड़ जमा हो गई। घर की महिलाएं अपने लाल के शव से लिपट कर दहाड़े मारने लगी। शांत स्वभाव के धनी मयंक तिवारी की मौत से सभी लोग हतप्रभा हैं। मयंक शेखर अपने पीछे पत्नी रंजना के अलावा 14 वर्षीय पुत्र हंस व 12 वर्षीय पुत्री हनी के साथ ही भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। मुखाग्नि चाचा गुड्डू तिवारी ने दी।

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