मिट्टी मे मिल जाऊँगा लेकिन भाजपा को हटाकर दम लूँगा : लालू प्रसाद यादव

(जावेद अंसारी)

बिहार की जंग की शुरुआत तब हुई जब लालू परिवार की बेनामी संपत्ति पर छापा पड़ा। तब से अब तक बिहार के राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वैसे भी लालू यादव अपने ट्वीटर अकाउंट पर अक्सर ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ते है. आज रांची में एक प्रेस कांफ़्रेंस करके लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार फिर से आड़े हाथ लिया। 

लालू प्रसाद यादव ने आज प्रेस वार्ता में भाजपा को उखाड़ फेकने की बात कही. उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुवे कहा कि देश बहुत गंभीर स्थिति में हैं. उन्होंने कहाकि भाजपा लालू प्रसाद की अावाज़ बंद करना चाहती हैं और लालू को हटाना चाहती हैं हम लोगों को हर तरह से डिमोरलाइज्ड करना चाहती हैं. जेल का भय भी दिखा रहे हैं।मैं इन सब बातों से डरने वाला नहीं हूँ। मैं मिट्टी में मिल जाउँगा लेकिन भाजपा भगाकर ही दम लूँगा।
आज हुई छापेमारी पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि कोई पता नहीं कि किस केस में छापेमारी की गई। हम भाजपा के खिलाफ 27 अगस्त को रैली करेंगे। हम अपने मालिक यानी जनता को बताएंगे कि मुझे, मेरे बच्चों को टारगेट किया जा रहा है। हम भाजपा की बंदरघुड़की से नहीं डरते। 
उन्होंने आगे कहा कि मैंने पत्नी और बच्चों को कहा है कि सीबीआई के अफसरों को सहयोग करो। सीबीआई के अफसरों का कोई दोष नहीं है। यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की साजिश है। पहली बार ऐसा हुआ कि तुरंत केस हुआ और छापेमारी का आर्डर निकल गया। हम हिलने वाले नहीं। ये देश को टुकड़ा-टुकड़ा करना चाहते हैं। हम सीबीआई को पूरा सहयोग करेंगे। लालू यादव मिट्टी में मिल जाएगा, लेकिन भाजपा को हटाकर दम लेगा।
एक सवाल के जवाब में लालू यादव ने होटल को लीज पर देने में गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि होटल को लीज पर देने का टेंडर 2003 में ही एनडीए शासन काल के दौरान निकाला गया था। और एनडीए सरकार ने ही इस होटल को लीज पर दिया। लालू यादव का कहना है कि इस मामले में आखिर राबड़ी देवी और तेजस्वी को क्यों फंसाया गया, लालू के मुताबिक तेजस्वी उस वक्त नाबालिग था।
मालूम हो कि सीबीआइ की टीम ने अाज लालू-राबड़ी के घर की तलाशी ली. सीबीआइ ने पुर्व रेलमंत्री लालू यादव, राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी और आइआरसीटीसी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। घंटों चली पूछताछ के बाद देर शाम सीबीआइ की टीम राबड़ी देवी के आवास से निकल गयी। वहीं चारा घोटाला मामले में कोर्ट में पेशी के बाद लालू यादव आज शाम रांची से पटना लौट गये। जबकि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को राजगीर से पटना वापस लौटेंगे। केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से लालू की फैमिली के खिलाफ आज की गयी कार्रवाई को लेकर बिहार की राजनीति में घमासान मचा है। बताया जाता है कि बिहार की राजनीतिक हालात पर नीतीश कुमार राजगीर से ही नजर बनाए रखे है।
बिहार की सियासत में इन दिनों लगातार चर्चा के केंद्र में राजद सुप्रीमो लालू यादव बने हुए हैं। पांच जुलाई को राजद के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पार्टी स्थापना दिवस पर लालू ने जब कार्यकर्ताओं से पूछा कि अगर हम रैली से पहले जेल चले जायेंगे, तो तुम लोग क्या करोगे। कार्यकर्ताओं की आवाज आयी कि हम लोग संघर्ष करेंगे। लालू ने दोबारा जोर देकर पूछा फिर पुछा सच बताओ तुम लोग क्या करोगे। फिर कार्यकर्ताओं ने वही जवाब दिया। उसके बाद लालू प्रसाद बोले कि तुम लोग भाजपा हटाओ, देश बचाओ के लिए संघर्ष करोगे। अब जरा लालू के इस बयान के मायने को शुक्रवार सुबह से शुरू हुई सीबीआई की छापेमारी के के साथ जोड़कर देखते हुवे राजनीतिक जानकारों के निजी राय के अनुसार लालू को आभास हो गया है कि उन्हें जेल जाना पड़ सकता है ? उन्हाेंने हर एक कार्यकर्ता से ‘लालू’ बनने की अपील भी की थी।
कुल मिलाकर लालू आरपार के मुड में है और वो भाजपा से आमने सामने करने को तैयार है लेकिन भाजपा के आगे झुकना नहीं चाहते है। अब देखना ये होगा कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव अपने परिवार को बचाने में कितनी सफलता पाते हैं या खुद अपने मकड़जाल में फस जाते हैं।

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