पत्रकार शावेज़ की मोबाइल शॉप पर चोरो ने किया हाथ साफ.

आदिल अहमद.

कानपुर. थाना कलक्टरगंज अंतर्गत सीपीसी माल गोदाम से सटी अलिफ टेलीकॉम नाम की मोबाइल शॉप में बीती रात 9 जून को छत तोड़कर कर शातिर चोरों ने दिया चोरी को अंजाम। अलिफ टेलीकॉम के मालिक शावेज आलम ने हमको बताया कि वह कानपुर से संचालित न्यूज़ पोर्टल प्रभा टाइम्स का पत्रकार भी है. उन्होंने हमसे बात करते हुवे बताया कि चोरों ने 10 हजार रुपये नगद व 12 मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया है। बाकि और भी कुछ चीजें है जो पूरी दुकान को सही से देखने के बाद पता चल पाएगा कि चोर और क्या क्या चोरी करके ले गए है। चोरो के इत्मिनान को इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि दूकान में लगभग 500 रुपयों का सिक्का भी रखा था चोर उसको भी तलाश कर चुरा ले गए,

घटना स्थल पर पूरे इलाके को देखने बाद ज्ञात हुआ है कि घटना स्थल से दस कदम की दूरी पर आरपीएफ की पिकेड खड़ी रहती है, जो कि माल गोदाम में रखे हुवे माल की सुरक्षा के लिए होती है। इसके अतिरिक्त एक सवाल और भी है कि घटना स्थल से कुछ ही कदम दूर मंजू श्री टाकीज के पास थाना कलक्टरगंज की जीप भी वही खड़ी रहती है, जहां से घटना स्थल का पूरा नजारा आसानी से देखा जा सकता है अब सवालों के घेरे कलक्टरगंज पुलिस और आरपीएफ दोनों आकर खड़े हो गए है, कि आखिर ऐसा क्यूँ होता है कि प्रशासन को कुछ भी दिखाई नही दिया और चोरो ने घटना को अंजाम दे दिया। आखिर कैसे दोनों तरफ से सुरक्षा में मौजूद दूकान की छत काट कर चोरो ने चोरी को अंजाम दिया या बड़ा प्रश्न है.

अब देखना ये है कि कलक्टरगंज पुलिस और आरपीएफ इस चोरी का खुलासा कर पाती है या फिर रेलवे किनारे शौच करने वालो को ही पकड़ पकड़ कर कुछ पत्रकारों के माध्यम से अपनी पीठ थपथपाती रहेगी। अब उन पत्रकारों का भी क्या दोष है, आखिर उनकी भी दाल रोटी है, अगर वो आरपीएफ और जीआरपी के जय नही कहेंगे तो फिर पानी से लेकर चाय कैसे कमाएंगे। अब देखना तो पड़ता ही है कि आखिर साहेब नये नये आये है तो उनकी जयकारा कहने की कोई कसर न बची रह जाये। इस जयकारे से खुश आरपीएफ और जीआरपी के साहेब लोग धरातल पर कार्यो में क्या हिला हवाली हो रही है कहा देख पाते है। अब आप बताओ एक या एक से अधिक चोर पिकेड के चंद कदम की दूरी पर दुकान की छत पर चढ़ गये, उसके बाद लोहे की जाली को काटा, फिर उसके नीचे लगी प्लाई को काट कर चोरी की घटना को अंजाम देकर आराम से चले गये। अब इसमें दो बात हो सकती है या तो चोर मिस्टर इंडिया के तरह अदृश्य होने की शक्ति रखते थे या फिर ड्यूटी पर तैनात साहेब लोग अपने ड्यूटी के अतिरिक्त और कुछ करने में व्यक्त थे। 

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