पुलिस के लाख प्रयासों के बाद भी रागिनी हत्याकांड के फरार दो हत्यारों ने कोर्ट में किया समर्पण

अंजनी राय 

बलिया। रागिनी की हत्या के बाद पुलिस लगातार सवालों के घेरे में है। घटना के दिन मुख्य आरोपी पप्रिंस तिवारी व राजू यादव को गोरखपुर से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस लाख हाथ पैर मारती रही लेकिन अन्य आरोपी उसकी गिरफ्त में नहीं आ सके। तीन आरोपी नीरज तिवारी, प्रधान कृपाशंकर तिवारी व सोनू तिवारी फरार चल रहे थे। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी करती रही।

इसी बीच गुरुवार को आरोपी नीरज तिवारी व शुक्रवार को कृपाशंकर तिवारी व सोनू तिवारी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की आंख में धूल झोंक कर एक के बाद एक आरोपियों के सरेंडर से आम जनमानस में तरह-तरह की चर्चा होने लगी। वहीं पुलिस आरोपियों के सरेंडर को अपनी कामयाबी मान रही है। कोर्ट ने शुक्रवार को हाजिर हुए दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए 14 दिनों की रिमांड पर जिला जेल भेज दिया।

“छात्र रागिनी की हत्या को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है। घटना के दिन ही तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी समेत दो को पीछा करके गोरखपुर से पकड़ा गया था। इसमें शामिल अन्य तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के पुलिस इनके छिपने के संभावित सभी ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। इसके कारण आरोपी दूर नहीं जा सके और पुलिस के दबाव में वह सरेंडर कर दिए” – सुजाता सिंह, पुलिस अधीक्षक, बलिया

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *