मारपीट करने आए ससुर एवं पति को पुलिस ने पकड़ कर किया हवालात में बंद

इमरान सागर/खुदागंज,शाहजहाँपुर
पत्नि के साथ मारपीट करने ससुराल पहुंचे पति और पिता दोनो पहुंचे हबालात! ढा़ई वर्ष पूर्व हुई थी शादी,तब से लेकर आज तक पत्नि के साथ लगातार मारपीट करता आ रहा पति यहाँ तक कि मार के डर से मायके पहुंच जाती अपनी पत्नि को वहीं पहुंच कर मारता पीटता रहा! जानकारी के अनुसार नगर स्थित मोहल्ला लक्ष्मी नगर निवासी शादीशुदा युवती ममता की कहानी बेहद चिंताजनक एवं भावात्मक है!
आपको बता दें मोहल्ला लक्ष्मी नगर निवासी ममता की शादी आज से करीब ढाई साल पहले शाहजहांपुर के ग्राम मरैना हुई थी। जहां उसके पति एवं उसके ससुराल के परिवारीजनों द्वारा उसे तरह-तरह की पीड़ा देकर प्रताड़ित किया जाता था। वह वहां से परेशान होने के पश्चात अपने नगर स्थित मोहल्ला लक्ष्मी नगर घर पर चली आती थी दो चार महीने यहां ठहरने के पश्चात पुनः पति द्वारा जबरन उसे यहां से घसीट कर ले जाया जाया जाता था।एवं कुछ दिन उस सही से रहने के पश्चात पुनः उसी प्रकार उसके ससुराल पक्ष के परिवारीजनों द्वारा तरह तरह से मारपीट एवं गाली गलौज करते हुए प्रताड़ित किया जाता रहा। इस प्रताड़ना की आग में जलते हुए ममता ने जैसे-तैसे अपने ढाई साल व्यतीत किए एवं समाज कि लोक लज्जा की वजह से अपने आप को घुट-घुट कर जीने पर मजबूर करते हुए किसी से कुछ नहीं कहा।और एक दिन ससुराल पक्ष की प्रताड़ना का गंभीर रूप से शिकार होते हुए अपनी जिम्मेदारियों से हारते हुए वह पुनः अपने खुदागंज मोहल्ला लक्ष्मी नगर स्थित घर पर अपने मायके लौट आई। और यहां गत कई महीनों से जीवका चलाने हेतु नगर स्थित संपन्न बड़े घरानों में झाड़ू पोछा इत्यादि कार्य करने लगी। उसके घर में गरीबी का बड़ा माहौल व्याप्त है।घर पर पिता माता एवं भाई सभी कई प्रकार से अपनी गरीबी के चलते दैनिक मजदूरी से अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इसी क्रम में कई महीनों के पश्चात पुनः उसका पति एवं पति का पिता उसके घर आ धमका और तरह तरह की धमकियां देते हुए उसे जबरन ले जाने का प्रयास किया। जब ममता ने ससुराल जाने के लिए मना किया तो उसे तरह-तरह से मजबूर करते हुए जबरन ससुराल ले जाने का उसके पति एवं पत्नी के पिता द्वारा प्रयास किया गया। ममता जैसे-तैसे वहां से बहाना बनाकर निकलते हुए भूले से मीडिया की शरण में जा पहुंची और मदद मांगते हुए अपनी गत ढाई सालों की संपूर्ण कहानी को आंसुओं के साथ व्यक्त करते हुए भावात्मक रूप से उसके साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने की बात कही। इस दौरान कहानी सुनने के पश्चात तत्काल मीडिया द्वारा ममता की मदद की दृष्टि से नगर स्थित पुलिस थाने से पुलिस बल को बुलाया गया। जहां पुलिस को ममता ने अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी देते हुए  कार्यवाही करने की मांग की। इसी के साथ ममता ने कहा कि वह अपना संपूर्ण जीवन इसी प्रकार मजदूरी करते हुए व्यक्त कर लेगी लेकिन मैं अपने ससुराल नहीं जाएगी ससुराल जाने के पश्चात उसके पति एवं पत्नी के पिता द्वारा शराब पी कर गाली-गलौज करते हुए तरह तरह से प्रताड़ित किया जाता है अगर वह पुनःअपनी ससुराल गई तो वह इस बार अपनी जान से हाथ धो बैठेगी। पुलिस द्वारा  ममता को गंभीरता के साथ सुनने के पश्चात उसके मोहल्ला लक्ष्मी नगर स्थित घर पर जबरन घर ले जाने का प्रयास कर रहे पति एवं पत्नी के पिता को ममता की जुबानी पर गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। जहां मोहल्ले के कई सम्मानित जनों के समक्ष इस शर्त के साथ समझौता किया गया कि ममता की मर्जी के बगैर उसका पति एवं पति का पिता उसे उसके मायके से नहीं ले जा सकेगा यदि ममता पर किसी भी प्रकार का कोई दबाव पुनः ससुराल पक्ष द्वारा बनाया गया तो कड़ी कार्यवाही होगी। हालांकि  मीडिया के पूंछे जाने पर ममता के माता पिता ने कहा कि वह अपनी बेटी को इस तरह से प्रताड़ना की याद में नहीं जलने देंगे यदि भविष्य में अपने पति से तलाक लेने के पश्चात ममता पुनः शादी करना चाहेगी तो उसकी शादी की जाएगी यदि नहीं करना चाहेंगी तो वह इसी प्रकार से अपना जीवन अपने परिवार के साथ व्यतीत करेगी।इस सब के पश्चात ममता ने मीडिया का धन्यवाद करते हुए आभार व्यक्त किया। आपको बता दें इसी प्रकार ना जाने हमारे समाज में कितनी ममता प्रतिदिन रोजमर्रा की जिंदगी में प्रताड़ना का शिकार होते हुए अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं जो कि हमारी संस्कृति एवं समाज की दृष्टि से बेहद शर्मनाक है। हमारे समाज की ना जाने कितनी बहन बेटियां इसी प्रकार किसी नकारात्मक तत्व के हाथों का शिकार होते हुए अपने भाग्य को कोसते हुए घुट-घुट कर अपनी जिंदगी व्यतीत करती हैं। इसीलिए हमारे भारत देश विषय संस्कृति का देश कहा जाता है इन सभी को दृष्टिगत रखते हुए हम सभी को अपने परिवार में लक्ष्मी का स्वरूप कही जाने वाली मां बेटी बहन एवं पत्नी का सकारात्मक रूप से ख्याल रखते हुए उनकी इज्जत करनी चाहिए। ज़रा गंभीरता से सोचते हुए विचार करें कि हमारे घर में किसी की बेटी जो कि  बहू बनकर आई है वह भी किसी मां की बेटी है उसी के साथ वही व्यवहार करें जो व्यवहार आप अपनी स्वयं की  बेटी के साथ करते हैं। समाज में मौजूद हमारी सभी बेटियां एक ना एक दिन बहु बनेंगी एवं समाज में मौजूद बहुएं में भी आप की बेटियां ही हैं।कहते हैं कि जिस घर में स्त्री का सम्मान होता है वहां परमात्मा एवं लक्ष्मी स्वयं निवास करते हैं।एवं इसी के साथ हम सभी को मर्यादा को दृष्टिगत रखते हुए आस पास होने वाली इस प्रकार की घटनाओं को जो कि समाज को शर्मसार करती हैं गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए सरकार एवं समाज के समक्ष प्रस्तुत करनी चाहिए।तभी एक स्वच्छ एवं सकारात्मक भारत का निर्माण होगा।तभी हम निश्चित तौर पर भारतीय कहलाने के योग्य होंगे।

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