थाना प्रभारी आदमपुर की सुझबुझ और तत्परता तथा क्षेत्रिय नागरिको के सहयोग ने बचाया काशी को गर्म होने से.

आज काशी फिर जीत गई इन अमन के दुश्मनों से. 
आज काशी फिर यह बोल उठी है कि 
“हम अमन पसंद है, मेरे शहर में दंगा रहने दो, 
लाल हरे में मत बाटो, हमारी छत पर तिरंगा रहने दो.”
जावेद अंसारी/शबाब खान 
वाराणसी.  काशी अपनी मस्ती में जीने वाला एक गंगा जमुनी सभ्यता का प्रतीक शहर है, काशी की सभ्यता का अंदाजा इसी से लगा सकते है कि यहाँ हर बड़ी मंदिर के पड़ोस में एक मस्जिद भी मिलेगी. ये आपसी मोहब्बत है कि सुबह होकर जब हम नमाज़ को जाये और तुम मंदिर में दर्शन करने तो सबसे पहले हम दोनों एक दुसरे को देखे. घर से मंदिर मस्जिद की दुरी एक साथ तय करे. इससे बढ़कर आपसी भाईचारे और मोहब्बत की मिसाल किसी और जगह पुरे धरती पर देखने को नहीं मिलेगी, इसी भाईचारे के बीच किसी शरारती तत्व ने आज फुट डालने की कोशिश किया जिसको थाना प्रभारी आदमपुर की तत्परता और क्षेत्रिय मुस्लिम नागरिको ने सिरे से नकार कर अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालो के मुह पर एक तमाचा मारा.
घटना कुछ इस प्रकार की है कि वाराणसी के आदमपुर थानाक्षेत्र के पठानी टोला स्थित पकडिया तले मैदान के पास एक छोटी सी मस्जिद है. और वही से कुछ कदमो के दूरी पर एक मंदिर भी है जहा सावन में प्रत्येक सोमवार को अच्छी खासी दर्शनार्थियों की भीड़ इकठ्ठा होती है. घनी मुस्लिम आबादी के बीच इस मंदिर को लेकर कभी आज तक कोई विवाद नहीं हुआ. यहाँ सावन में दर्शनार्थियों हेतु सुविधाओ की देख रेख स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग ही करते है. आपसी भाई चारे की एक बड़ी मिसाल है या इलाका. बीती रात में किसी अराजकत तत्व ने अराजकता फैलाने के उद्देश्य से एक छोटे से सूअर के बच्चे को मृत था लाकर मस्जिद के दरवाज़े के पास गली में फेक दिया. शायद उस अराजक तत्व की मंशा यह रही होगी कि सुबह इसको देख कर मुस्लिम समाज के लोग भड़क उठेगे, मगर हुआ इसका ठीक उल्टा.
सुबह नमाज़ के लिए निकले मुस्लिम समाज के लोगो में अधिकतर वृद्ध और समझदार लोग होते है. उनकी नज़र जब इसके ऊपर पड़ी तो उन्होंने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया ज़ाहिर नहीं किया और नमाज़ पढ़कर स्थानीय थाना प्रभारी आदमपुर अशेष नाथ सिंह को फ़ोन पर सुचना दिया. सुचना प्राप्त होते ही थाना प्रभारी अशेष नाथ सिंह ने तत्परता दिखाते हुवे तत्काल केवल कुछ मिनटों में ही मौके पर सदल बल पहुचे और स्थानीय लोगो से बात किया तथा तत्काल सफाई कर्मचारीयो को बुला कर उस मरे जानवर को वहा से हटवाया और साफ़ सफाई अपनी देख रेख में करवाया. क्षेत्रिय नागरीको से इस सम्बन्ध में किसी लिखित शिकायत के बारे में पूछा तो सभी क्षेत्रिय नागरिको ने जवाब दिया कि यह किसी शरारती तत्व का काम है और इस बात को यही ख़त्म कर देने से समाज की भलाई है और इन असामाजिक तत्वों के मुह पर एक करारा जवाब है कि हम लोग किसी के बहकावे में नहीं आते है. 
क्षेत्र में इस प्रकरण में एकदम शांति है जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो, क्षेत्रिय जनता थाना प्रभारी आशेष नाथ सिंह के तत्परता की तारीफ करते नज़र आये. शरारती तत्वों के मुह पर क्षेत्रिय जनता ने एक ज़ोरदार तमाचा मार कर यह सिद्ध कर दिया है कि हम काशीवासी किसी के बहकावे में नहीं आते है. आज काशी ने फिर साबित कर दिया कि यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का है किसी खुराफाती के बहकाने से हम बहकने वाले नहीं है. इस शहर ने आज फिर साबित कर दिया कि हम लड़ने वाले नहीं है हम तो वह है कि एक साथ बैठ कर एक थाली में खाना खाते है. इस आज काशी ने साबित कर दिया है कि हमको कोई भड़का नहीं सकता है हम वह है जो ज्ञान का श्रोत है और हमारे ज्ञान का लाभ पूरी दुनिया ही नहीं बल्कि पूरी सृष्टि उठाती है. आज काशी फिर जीत गई इन अमन के दुश्मनों से. आज काशी फिर यह बोल उठी है कि 
“हम अमन पसंद है, मेरे शहर में दंगा रहने दो, 
लाल हरे में मत बाटो हमारी छत पर तिरंगा रहने दो.”

Welcome to the emerging digital Banaras First : Omni Chanel-E Commerce Sale पापा हैं तो होइए जायेगा..

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *