आवास के नाम पर कमीशन बाजी का खेल हुआ शुरु

पीला ईट देकर अव्वल का लिया जाता है पैसा  
लाभार्थी द्बारा विरोध करने पर दूसरी किस्त न देने की जाती है धमकी 
फारुख हुसैन 
निघासन-खीरी-गरीब व झोपड़ी मे रहने वालो के लिये चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना मे कमीशन की भेंट चढ़ती जा रही है ।अभी तक आवास के नाम पर लाभार्थी से पैसा लिया जाता था लेकिन अभ भट्टा मालिको के जरिये कमीशन का खेल शुरु हो गया है यह खेल अभी ग्राम पंचायत लुधौरी से.शुरु किया गया है इसका असर और ग्राम पंचायतो मे भी पड़ने लगा है ।इस तरह ग्राम प्रधान दूसरे तरीके से एक लाभार्थी से  एक हजार ईटा पर 5 हजार का कमीशन ले रहे है ।

      विकास खण्ड क्षेत्र की 66 ग्राम पंचायतो के लिये 2920 प्रधानमंत्री आवास बनवाने का लक्ष्य दिया गया है ।जिसमे 2011 की सूची के हिसाब से आवास देने.का प्रावधान है इसमे यह भी मानक दिया गया है कि दो कमरो के साथ अगर टीनसेट चढ़ा है तो वह आवास का पात्र नही है इसके अलावा पक्का मकान तथा एक एकड़ से अधिक जमीन का जोतकर है तो वह भी आपात्र की श्रेणी मे आता है इसके और भी कयी मानक निर्धारित किये गये है लेकिन कुछ ग्राम पंचायतो मानको का पूरी तरह माखौल उड़ाकर ग्राम प्रधान अपने चेहतो को आवास रेवड़ी की तरह दिया गया ।खास बात यह भी है अगर सूची मे नाम होने के बाद भी आपात्र की श्रेणी मे आता है तो आवास हासिल करने के लिये दूसरी जगह झोपड़ी डलवाकर आवास का पात्र बननाने का प्रयास किया गया है इसके बाद आवास स्वीकृत होने के बाद कमीशन का खेल शुरु हो जाता है ।पहले तो ग्राम प्रधान लोग आवास दिलवाने के नाम बैंक पर जाकर लाभार्थी से पांच से दस हजार की वसूली कर ली जाती थी ।इधर योगी सरकार की सख्ती के बाद कमीशन का रवैय्या ही बदल दिया है पहले आवास के नाम पर लाभार्थी से कम रकम मिलती थी लेकिन भट्टा मालिको से सेटिंग करने के बाद उससे ज्यादा रकम मिल जाती है ।जबकि लाभार्थी अपना आवास स्वयमं खाते से पैसा निकाल कर मनचाहा समान.कही से खरीद कर अच्छा आवास बनवा सकता है लेकिन अनपढ़ लाभार्थियों.को बहलाफुसलाकर ग्राम प्रधान व उनके गुर्गे.लाभार्थी के.घर जाकर सेटिंग वाले भट्टा मालिक के खातो मे पैसा ट्रांसपर करवा देते है इस हिसाब से कमीशन का खेल किया जाता है ।इतना ही लाभार्थी को जब उसके हिसाब से ईटा अच्छा नही मिलता है तो लाभार्थी इसका विरोध करता है ।तो यह धमकी दी जाती है कि इसी ईटा से.आवास का निर्माण कराना पड़ेगा ज्यादा विरोध करोगे तो दूसरी किस्त न दिये जाने की धमकी भी दी जाती है ऐसी स्थिति मे अनपढ़ लाभार्थी भयभीत होकर घर बैठ जाता है ।और तो और ईटा देने के बाद लाभार्थी को.ईटा की रशीद तक नही दी जाती है ताकि ईटा का रेट न पता चल सके । कमीशन बाजी का यह खेल ग्राम पंचायत लुधौरी ग्राम पंचायत मे बड़े पैमाने पर खेला जा रहां है ।जबकि अव्वल  ईटा का रेट 5800 रुपया दोमा ईटा का रेट 4500 रुपया लगभग है इसके अलावा पीला ईटा का रेट 3500 रुपया है भट्टा मालिको द्भारा काटी गयी पर्ची मे 6000 रुपया लगाई जाना बताया गया है।
   लाभार्थी स्वयमं पैसा निकाल कर आवास की सामग्री खरीदे.किसी के कहने मे न आये इसके अलावा प्रधान के दबाव मे लाभार्थी भट्टा मालिको के खाते मे पैसा ट्रांसपर किया है तो अव्वल ईटा खरीदे अगर पीला ईटा आया है तो उसे वापस करे लाभार्थी अगर इस प्रकार की शिकायत लेकर आता है तो जांच कर कार्यवाही की जायेगीं 
     जितेन्द्र प्रताप सिंह 
       खण्ड विकास अधिकारी निघासन

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