24 जुलाई को अखिल भारतीय विश्वविद्यालय/महाविद्यालय शिक्षक महासंघ करेगा जन्तर मन्तर पर प्रदर्शन

उ.प्र.राज्य विश्वविद्यालय /महाविद्यालय शिक्षक संघ एवं उ.प्र. अनुदानित महाविद्यालय अनुमोदित शिक्षक संघ ने प्रदर्शन का किया समर्थन
प्रमोद कुमार दुबे 
अखिल भारतीय विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (AIFUCTO) के आह्वान पर शिक्षको की विभिन्न समस्याओं को लेकर देश भर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षको द्वारा 24 जुलाई 2017 को जन्तर मन्तर नई दिल्ली में विशाल प्रदर्शन का एलान किया गया है। जिसकी जानकारी अखिल भारतीय विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के जोनल सेक्रेटरी एवं पूर्व अध्यक्ष गोरखपुर विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्वअध्यक्ष डां.राजेश चन्द्र मिश्रा द्वारा दी गयी।

बर्षो से लम्बित शिक्षको की समस्याओं के अविलम्ब समाधान के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डां.बीरेन्द्र सिंह चौहान व महामंत्री डां.विवेक द्विवेदी एवं उत्तर प्रदेश अनुदानित महाविद्यालय  अनुमोदित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डां.के.यस.पाठक ने पूर्ण समर्थन व सहयोग का एलान किया है।  डां.विवेक द्विवेदी एवं डां.के.यस.पाठक द्वारा 24 जुलाई को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं अनुदानित महाविद्यालयों के स्थायी एवं अनुमोदित शिक्षको से अधिक से अधिक संख्या में जन्तर मन्तर नई दिल्ली पहुंचने की अपील की गयी हैं। शिक्षक संघ के द्वारा स्पष्ट किया गया हैकि केन्द्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षको की मांगो को अविलम्ब पूरा किया जाय,

क्या है शिक्षक संघ की प्रमुख मांग :-

  • पुरानी पेन्शन प्रणाली लागू हो
  • अमेलन से छूटे मानदेय शिक्षक नियमित किये जाय।
  • अनुदानित महाविद्यालयों के अनुमोदित स्ववित्तपोषित शिक्षिको को अनुदान पर लिया जाय।
  • सभी शिक्षको को शोध पर्यवेक्षक का अधिकार दिया जाय।
  • डिग्री शिक्षको को प्रोफ़ेसर पद एवं पदनाम दिया जाय।
  • प्राचार्य पद के चयन में लिखित परीक्षा लागू न किया जाय,मेरिट निर्धारण में लिखित परीक्षा व API को समाप्त किया जाय।
  • UGC नियमन के अनुसार अधिबर्षता आयु 62 बर्ष से 65 बर्ष किया जाय।

अनुदानित महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय अनुमोदित स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डां.के.यस.पाठक के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के ही अधीन प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में विगत बीस साल से स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में अनुमोदित शिक्षक आर्थिक विपन्नता और दोहरी व्यवस्था का दंश झेलता आ रहा हैकिन्तु सरकार ने कभी ऐसे शिक्षको की सुध लेने की जहमत उठायी गयी,परिणामत: आर्थिक तंगी के शिकार लखनऊ विश्वविद्यालय के अनुमोदित शिक्षक डां.बी.के.शुक्ला ने आत्महत्या तक कर ली,तो वहीं दूसरी तरफ महराजगंज जनपद के लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय,फरेन्दा के अनुमोदित शिक्षक डां.राजीव तिवारी की दवा के आभाव में मौत हो गयी,फिर भी प्रदेश सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
उ.प्र.राज्य विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ-फुपुक्टा के प्रदेश अध्यक्ष डां.बीरेन्द्र सिंह चौहान ने एलान किया कि अब शिक्षक समस्याओं पर संयुक्त लड़ाई आर पार की होगी, वह उत्तर प्रदेश के अनुदानित महाविद्यालयों के चाहे स्थायी शिक्षको की हो या मानदेय व अनुमोदित शिक्षको के अमेलन/ विनियमितिकरण की। अब जब तक केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षको की मांगो को पूरा नहीं किया जाता है संघर्ष जारी रहेगा। जिसके अगले क्रम में 04 अगस्त 2017 को गाँधी प्रतिमा जी.पी.ओ. लखनऊ पर प्रदर्शन के रुप में होगा।

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