बनारस में धर्मस्थान की जमीन पर कब्जे की अफवाह पर दो संप्रदायों के बीच हिंसक झड़प, प्रशासन की सूझ बुझ से माहोल हुआ शांत

शबाब ख़ान
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विद्यापीठ परिसर के समीप दो संप्रदायों के बीच हिंसक झड़प, आगजनी व पथराव से शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस नें लाठीचार्ज कर दिया। भीड़ द्वारा पथराव और लाठीचार्ज से कई लोग घायल हो हुए हैं। जनपद के वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर कैंप कर भारी पुलिस की तैनाती कर दी है।

वाराणसी में रविवार की रात महज एक अफवाह नें दो संप्रदायों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी जिसनें काशी की फ़िज़ा में ज़हर घोल देने का असफल प्रयास कर दिया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की शिक्षक कॉलोनी के समीप धर्मस्थल से सटी विवादित जमीन पर दुधारू पशु को बांधने के लिए बने मड़ई को लेकर रविवार रात बवाल हो गया। एक पक्ष के लोगों को यह गलतफहमी हो गई कि उनके धर्मस्थल की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने मड़ई में तोड़फोड़ करते हुए वहां आग लगा दी। वहीं, अफवाह फैलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ सिगरा थाना के समीप फातमान मार्ग पर इकट्ठी हो गई और नारेबाजी करने लगी।
पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने उस पर पथराव करते हुए गुलाबबाग-लल्लापुरा मार्ग पर खड़े डेढ़ दर्जन से ज्यादा वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीया पटक कर भीड़ को खदेड़ा।एहतियातन फातमान मार्ग पर एक सीओ, पांचों थानों की फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया है। मामले में एसएसपी आरके भारद्वाज ने कहा कि धर्मस्थल से सटी जमीन को लेकर अधिवक्ता और दूसरे पक्ष में विवाद है। अधिवक्ता मवेशी बांधने की जमीन को समतल करा रहे थे तभी धर्मस्थल के लोगों के बीच कब्जा करने की कोशिश की अफवाह फैला दी गई। जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन पर चाहरदिवारी के लिए नींव खुदवाई जा रही थी, इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चाहरदिवारी कराये जानें की गलतफहमी के चलते कब्जा किए जानें की अफवाह फैला दी गई जिससे स्थिति विस्फोटक हो गयी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दिया गया है। लोग किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। माहौल खराब करने के लिए अगर कोई भ्रम फैला रहा हो तो इसकी सूचना 100 नंबर या नजदीकी थाने पर दें।
क्या है पूरा मामला
सिगरा-फातमान मार्ग के समीप विद्यापीठ मोहल्ले में एक धार्मिक स्थल के समीप अधिवक्ता महेंद्र सिंह उर्फ़ मंटू सिंह का मकान है। धर्मस्थल से सटी एक जमीन है जिसके मालिकाना हक के लिए मंटू सिंह और धर्मस्थल से संबंधित लोगों में विवाद है और मामला न्यायलय में है। फिलहाल विवादित जमीन पर कोर्ट द्वारा यथा स्थिति बनाये रखनें का आदेश है। इसी जमीन पर मड़ई डालकर मंटू की तीन गाय बांधी जाती है। मंटू की गाय दुहने वाले बबलू सरदार ने बताया कि रात नौ बजे के लगभग वह बारिश के कारण मड़ई में हुए कीचड़ पर मिट्टी डालकर उसे समतल करा रहा था। इसी दौरान धर्मस्थल से निकलकर तीन-चार लोग आ गए और कहने लगे कि इस जमीन का मुकदमा चल रहा है इस पर निर्माण कार्य कैसे करा रहे हो।
मंटू और उनके पक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई तो धर्मस्थल से बाहर आए लोगों से उनकी कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच धर्मस्थल से निकल कर आए लोगों के पक्ष से भीड़ इकट्ठा हो गई और सभी ने मड़ई में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। इस बीच मंटू सिंह की ओर से भी भीड़ जमा कर ली गई। कहासुनी देखते ही देखते दोनोें पक्षों में मारपीट और पथराव में तब्दील हो गई। पथराव में घायल मंटू ने अपनी गायों को किनारे किया और पुलिस को सूचना दी। 
और हो गई स्थिति बेकाबू
दूसरी ओर धर्मस्थल से बाहर आए लोगों और उनके पक्ष के लोगों ने फोन करना शुरू कर दिया कि हमारी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, जल्दी आओ। भीड़ में शामिल कुछे लोग भागकर लल्लापुरा गए और लोगों को इकट्ठा करने लगे। थोड़ी ही देर में लल्लापुरा और पितरकुंडा के सैकड़ों लोगों की भीड़ सिगरा थाना के समीप फातमान मार्ग पर इकट्ठा हो गई और नारेबाजी करने लगी। सिगरा थानाध्यक्ष ने समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इसी बीच सभी थानों की फोर्स और पीएसी के साथ एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा तो सभी लोग गुलाबबाग-लल्लापुरा मार्ग की ओर भागते हुए सड़क किनारे खड़े डेढ़ दर्जन से ज्यादा दो पहिया और चार पहिया वाहनोें में तोड़फोड़ करने लगे। स्थिति नियंत्रित न होते देख पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। थोड़ी ही देर में मौके पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, आईजी रेंज दीपक रतन, डीएम व एसएसपी 10 और थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को कानून के दायरे में रहने की ताकीद लाउडस्पीकर से की गई।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है, भारी पुलिस फोर्स और पीएसी की तैनाती से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस पूरी घटना के दौरान किसी गिरफ्तारी की सूचना नही है, लेकिन पुलिस के अनुसार दोषियों को चिन्हित करके उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाई की जाएगी।

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