बिल्थरारोड बलिया की प्रमुख खबरें

(वेदप्रकाश शर्मा /अन्जनी राय)
सिक्कों के लेन-देन को लेकर होती है नोकझोक 
बलिया । बिल्थरारोड क्षेत्र मे इन दिनों एक रूपये से दस तक के सिक्कों के लेन-देन को लेकर रोजाना दुकानदारों और ग्राहकों के बीच नोकझोंक हो रही है। छोटे दुकानों से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों ,पेट्रोल पंप और यहां तक कि डाकघर या बैंकिंग क्षेत्र में भी सिक्कों को लेकर तक-झक होता रहता है। फुटकर दुकानदारों का कहना है कि जब वह बड़े व्यापारी के यहां सिक्के लेकर जाते हैं तो वह सिक्कों को लेने से मना करते हुए नोट की मांग करते हैं। ऐसे में सरकार को सिक्कों के लेन-देन में आनाकानी करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जानी चाहिए ।

19 जुलाई को मनाई जायेगी पूर्व मंत्री 70 वीं जयंती
बलिया । सीयर ब्लाक परिसर में 19 जुलाई को समाजवादी चिंतक पूर्व मंत्री स्वर्गीय शारदानंद अंचल की 70 वीं जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी ।यह जानकारी ब्लॉक प्रमुख विनय प्रकाश अंचल ने दी ।उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा समाज के हर वर्ग के संभ्रांत जन मौजूद रहेंगे ।
घाघरा का जल स्तर 29 सेंटीमीटर निचे 
बलिया । बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र मे घाघरा के तेवर नरम पड़ गए हैं ।जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है ।लाल निशान से 29 सेंटीमीटर नीचे बहने वाली घाघरा की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन से तटवर्ती वाशिंदे सहमे हुए हैं ।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार को अपराहन जलस्तर 63.720 मीटर दर्ज किया गया । जबकि लाल निशान 64.010 मीटर है। आयोग की मानें तो शनिवार को आधी रात के बाद जलस्तर स्थित रहा ,जो रविवार की शाम तक जारी रहा । जलस्तर में ठहराव से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है ।उधर संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक कार्यवाही पूरी कर ली गई है ।
नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान
बलिया । बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र के दोहरीघाट सहायक परियोजना पंप कैनाल मुख्य नहर लघु डाल पंप नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों में नाराजगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से फसल मुरझाई है। पिछले दिनों हुई बरसात से किसानों के चेहरे प्रफुल्लित रहे ,लेकिन अब खेतों को पानी की जरुरत पड़ने लगी है। ऐसे में नहरों में पानी छोड़ा जाना अति आवश्यक है ।गुलौर निवासी प्रमोद मिश्र ने नहरों में शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *