साहेब भाजपा विधायक मेरा मकान कब्ज़ा करना चाहते है, पुलिस मेरी नहीं सुन रही – रेहाना (पीड़ित महिला)

थाने के बाहर विधायक सौरभ श्रीवास्तव के खिलाफ जमकर लगे मुर्दाबाद के नारे
बीजेपी विधायक पर दबंग का गरीब परिवार के उत्पीडन में साथ देने का लगा आरोप

शबाब खान/निलोफर बानो 

वाराणसी : एक तरफ सीएम योगी बयान देते है कि कोई भी व्यक्ति चाहे वो हमारी पार्टी का विधायक हो या कार्यकर्त्ता यदि गलत किया तो बख्शा नही जायेगा, लेकिन ये सारी बाते शायद सिर्फ सुर्ख़ियों में बने रहने के लिये व वाहवाही लुटने के लिए ही की जाती है। नतीजन बीजेपी के नाम पर वाराणसी जैसे शहर में खुलकर गुण्डागर्दी, दबंगई हो रही है। मौजूदा घटनाक्रम में कैण्ट से बीजेपी विधायक सौरभ श्रीवास्तव पर दबंगों का पूरा साथ देने का एक गरीब परिवार नें आरोप लगाया है। पीडिता रेहाना का आरोप है कि सौरभ श्रीवास्तव के करीबी रामगोपाल वर्मा व विनोद यादव उसके गरीब परिवार का खुलेआम उत्पीडन कर रहे हैं,  उसने कहाकि हमारा परिवार थाने का चक्कर लगा-लगाकर थक गया लेकिन विधायक के रसूख से दबंगों पर 17 दिनों तक कोई कार्यवाई नही हुई है.

आज अंततोगत्वा पीडितो का सब्र का पैमाना छलक गया और इस उत्पीडन के शिकार परिवार की औरतों नें आज दशाश्वमेध थानें के बाहर बीच सड़क पर बैठकर विधायक और दबंगों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिया और आते जाते लोगो को रो रो कर अपना दुःख और उत्पीडन बताने लगी. देखते देखते मौके पर नागरिको की भीड़ इकठ्ठा होंना शुरू हो गई. स्थानीय पुलिस ने काफी मान मनौवल के बाद कार्यवाही का आश्वासन देकर महिलाओ को वहा से हटाया.
घटना के सम्बन्ध में दशाश्वमेध थानाक्षेत्र के बड़ादेव की निवासिनी पीड़िता रेहाना ने थानें के बाहर रो-रोकर जो कहानी बताई वह कुछ इस प्रकार है कि रेहाना अपने पुश्तैनी मकान के एक कमरे का टिन शेड हटवा कर पटिया लगवा रही थी रेहाना के आरोपों के अनुसार पड़ोस मे अवैध होटल ‘पीएन गंगा’ का संचालन करने वाले विनोद यादव व उनके भाई प्रमोद उर्फ पप्पू यादव के द्वारा ये कहते हुए काम को रुकवा दिया गया कि ये मेरी जमीन है। जिसकी शिकायत रेहाना नें थाना स्तर से लेकर एसएसपी वाराणसी तक की, कागजातों को देखने के बाद अधिकारियों ने काम को सही ठहराया। पीडिता का आरोप है कि थानाध्यक्ष से लेकर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक नितिन तिवारी तक को
भाजपा विधायक ने फोन कर दबाव डाला और पीड़ित की सहायता करने से मना किया. पीडिता ने बताया कि इस पर तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक नितिन तिवारी ने बल्कि विधायक को उनके मन वाली करने से साफ़ मना करते हुवे मसले में न्यायपूर्ण कार्यवाही हेतु साफ बता भी दिया था. मगर शायद इसको पीडिता का दुर्भाग्य कहे कि इसी दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक नितिन तिवारी का स्थानांतरण हो गया और दबंगों को और बल मिल गया और  विधायक सौरभ श्रीवास्तव के नाम पर दबंगों नें दुबारा काम नही होने दिया। पीड़िता नने आगे बताया कि कैंट विधायक का कहना है कि यदि उस मकान पर पुनः कार्य प्रारंभ हुआ तो दंगा हो जाएगा।
पीड़िता ने बताया कि आज विपक्षी विनोद यादव के द्वारा ये संदेश उसके पास भेजा गया कि यदि पीड़िता होटल पर आकर उससे मुलाकात कर ले तो वह उसे परेशान करना बंद कर देगा। आज पीड़ित परिवार के द्वारा कमरे के छत की पटिया रखवाई जा रही थी कि दबंग विनोद यादव पीड़ित परिवार के दरवाजे पर जाकर धमकी देने लगा और काम को रुकवा दिया। पीड़ितों की मदद करने के बजाए दशाश्वमेध पुलिस नें पीड़ित परिवार को थाने बुलाकर डराया डमकाया,  इसी के साथ 17 दिनों से उत्पीडन सहने वाले परिवार के सब का बॉध टूट गया। पीड़ित परिवार की महिलायें थाने के बाहर आकर हर आने-जाने वाले लोगों से रो-रोकर अपना हाल बताने लगी, जिससे मौके पर भारी भीड़ जुट गई। पीडितों ने बताया कि विधायक सौरभ श्रीवास्तव अपने विधायकी व दबंगई के बल पर उनके विपक्षी विनोद यादव, राजू यादव व प्रमोद उर्फ़ पप्पू यादव का पूरा समर्थन करके हम गरीब परिवार का उत्पीडन कर हमारा खुद का पुश्तैनी मकान खाली करानें में लगे हैं।
अब देखना होगा कि क्या सीएम योगी आदित्यनाथ इस प्रकरण में क्या रुख अपनाते है. क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है और दोषियों पर कार्यवाही होगी या फिर सत्ता के नशे में चूर विधायक सौरभ श्रीवास्तव का नशा और सर चढ़कर बोलेगा. 

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