बिल्थरारोड बलिया की प्रमुख खबरें

(वेदप्रकाश शर्मा /अन्जनी राय)

प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली को लेकर उपजिलाधिकारी को दिया पत्रक 
बलिया । बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र के शाह कुन्डैल ग्राम निवासी जसुराम राजभर ने जिलाधिकारी समेत आला अफसरों को संबोधित पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपा ।पत्रक में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की मिलीभगत से प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता का आरोप लगाया ।पत्रक में उल्लेख है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की चयनित सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया ।साथ ही आवास आवंटन के नाम पर धनउगाही की जा रही है ।

आवास के लिए पैसा नहीं देने पर उनका नाम काट कर ऐसे लोगों को सूची में नाम अंकित किया गया है, जिन्हें पहले से ही आवास दिया जा चुका है ।पत्रक में प्रकरण की जांच कर आवास आवंटन में धांधली करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पात्र लोगों को आवास मुहैया कराने की मांग की है ।पत्रके में चेताया की सही तरीके से पत्रों को आवास आवंटित नहीं किए गए तो जनसहयोग से आंदोलन किया जाएगा ।

पंडित दीनदयाल उपाघ्याय जन्म शताब्दी पर लगी प्रदर्शनी 
बलिया । ब्लॉक सीयर के प्रांगण में बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के अवसर पर शैक्षिक शिक्षा विभाग की ओर से विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई ।जिसमें कृषि विभाग, बाल पुष्टाहार विभाग, सूचना विभाग के अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहा। खंड विकास अधिकारी पीएन त्रिपाठी ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के जरिए लोगों में आधुनिक संसाधनों के बारे में भरपूर जानकारी मिलेगी। प्रदर्शन में करीब एक दर्जन स्टॉल लगाए गए ।सभी स्टाल एक से बढ़कर एक रहे ।प्रदर्शनी में प्रस्तुत आकर्षक कलाकृतियों को सराहा गया। इस मौके पर डॉक्टर जी पी चौधरी, सत्य प्रकाश ,सरस्वती शाक्या,देवेंद्र गुप्ता, आनंद जायसवाल, लीलावती वर्मा समेत विभिन्न महकमों से संबंधित लोग मौजूद रहे ।
दिगंबर बाबा की परती पर लगा विशाल मेला
बलिया । बिल्थरारोड नगर से दक्षिण में गोवंश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दिगंबर बाबा की स्मृति में लगने वाला वार्षिक मेला परंपरागत हर्षोल्लास के साथ गुरुवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर बाबा की परती पर पूजन- अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी |मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा के पूजन -अर्चन से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं |बताते हैं कि कई सौ वर्ष पूर्व मुगल काल के दौरान बाबा मऊ जिले के एक मुस्लिम जमीदार के यहां नौकरी करते थे। जमीदार के यहां शादी का कार्यक्रम था ।बारातियों को गोमांस परोसने के लिए एक दर्जन से अधिक बछड़े लाए गए थे ।इसकी भनक लगते ही दिगंबर बाबा भड़क गए ।और तलवार उठाकर खूंटे से बंधे बछड़ों की गर्दन में लगे रस्सी को काट कर बंधन मुक्त कर दिया ।खूंटे से मुक्त होने के बाद बछड़े इधर- उधर भागने लगे |यह देख जमीदार बौखला गया तथा अपने नौकरों से डम्बर बाबा को जान से मारने का हुक्म दे दिया ।नौकरों ने बाबा को मारने के लिए ललकारा घोड़े पर सवार बाबा ने हाथ में तलवार लेकर मोर्चा संभाल नौकरों को मारते- काटते बाबा लहूलुहान होने के बावजूद कई लोगों को मौत की नींद सुला दिए ।घोड़े पर सवार बाबा घायलावस्था में बेल्थरारोड के निकट मिश्रौली ग्राम की परती पर पहुंचते ही वहीं गिरकर दम तोड़ दिया।  बाबा की स्मृति में वहां 52 बीघा भूमि परती के रूप में स्थित है। जो गोवंश के चारागाह के रुप में स्थापित है ।मान्यता है कि मेले के दिन बारिश जरुर होगी ।कोई जूता- चप्पल पहनकर परती पर नहीं जाता है ।झूठी कसमे खाने से लोग डरते हैं। परती की भूमि का एक इंच भी कब्जा करने का कोई दुस्साहस नहीं करता। अन्यथा कब्जा करने वाले का अंत हो जाता है ।लोग बड़े उत्साह से परती पर दूध व लावा, बतासा, भूसा, पुष्पादि सामग्रियों से पूजन -अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित करने के बाद बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई गई। सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। देर शाम तक मेले में चहल -पहल बनी रही।
ठेले समेत बालक पोखरी में गिर कर हुआ घायल
बलिया । ठेले पर बैठकर खेलते समय बालक बुधवार की शाम असंतुलित होकर पोखरी में गिर पड़ा। संयोग से बालक पोखरी के किनारे गिरा जहां पानी नहीं था ।ठेला समेत पोखरी में गिर जाने से बालक गंभीर रूप से घायल हो गया ।घायल बालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पहुंचाया गया ।जहां गंभीर स्थिति के चलते डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया । बिल्थरारोड नगर पंचायत वार्ड नंबर पांच पिछला पोखरा निवासी दनियाल (8) पुत्र शाहिद पोखरी के किनारे ठेले पर बैठकर खेल रहा था ।इस दौरान असंतुलित होकर बालक ठेला समेत पोखरी में गिर पड़ा ।बालक का दाहिना पैर टूट गया ।उल्लेखनीय है कि पोखरी की बॉउंड्री की दीवार नहीं होने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। पोखरी के स्वामित्व का दावा करने वालों के संवेदनहीन रवैया के चलते बाउंड्री दीवार का निर्माण नहीं कराया गया । जो हादसे का सबब बना हुआ है ।

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