हाय रे अन्धविश्वास – लाश को ही जिंदा करने लगे अंधविश्वासी, चार घंटे बाद भी नही जिंदा हुआ लाश

अंजनी राय

बलिया। कहने के लिए तो हम न सिर्फ 21वीं सदी में है, बल्कि आसमां पर पर जमीन की खरीद-फरोख्त भी शुरु कर चुके है। बावजूद इसके हमारा अंधविश्वास का भूत नही उतर रहा। इसका एक नमूना मंगलवार को हल्दी थाना क्षेत्र के चौबेछपरा गंगा घाट पर देखने को मिला। एक दिन पहले जलप्रवाह किये हुये लाश को बाहर निकालकर उसकी झाड़-फूक करायी गई। करीब चार घंटे तक झाड़-फूंक के बाद हुआ वही जो होना था। लाश में कोई हलचल नहीं हुई और लोग निराश मन से वापस हो गये।

सहतवार थाना क्षेत्र के दुधैला की रहने वाली लीलावती देवी (44) पत्नी महंगू गोंड सोमवार की सुबह करीब चार बजे घर में झाडू-पोछा कर रही थी। इसी बीच सर्प ने डंस लिया। परिजन झाड़-फूंक के साथ ही अमवा के सतीमाई के स्थान पर ले गये। हालत बिगड़ती देख परिजन अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही लीलावती ने दम तोड़ दिया। इसके बाद लाश को हल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत लाला बगीचा के पास गंगा नदी में जल प्रवाह कर दिया गया। सर्पदंश से मौत की सूचना के बाद मंगलवार को पहुंचे रेवती थाना क्षेत्र के झरकटहा निवासी पुरषोत्तम नारायण ओझा ने लाश को जिंदा करने का दावा किया। इसके बाद लाश को नदी से बाहर निकाला गया। झाड़-फूंक का ड्रामा करीब चार घंटे चला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हद तो यह कि इतना सबके बाद भी झाड़-फूंक करने वाले ने अपनी हार नहीं मानी।

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