जिलाधिकारी और न.प. अध्यक्ष के बीच फंसे अधिशासी अधिकारी

हरिशंकर सोनी

सुल्तानपुर सुल्तानपुर जनपद में पालिका अध्यक्ष अधिशासी अधिकारी और जिला अधिकारी के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई  अध्यक्ष और जिला अधिकारी के बीच मचे घमासान में अधिशासी अधिकारी नगरपालिका फस गए हैं एक तरफ जिला अधिकारी की सूचना तो दूसरी तरफ नगर पालिका अध्यक्ष के नोटिस उन्हें मुश्किल में डाल दिया है

जिलाधिकारी विवेक कुमार के आदेश पर अधिशासी अधिकारी नगरपालिका ने जिन ठेकेदारों को पालिका अध्यक्ष बबीता जायसवाल ने कार्य दिया था उन 15 ठेकेदारों का पंजीयन सूची रद्द कर दिया गया है इसे पालिका अध्यक्ष ने अवमानना की कार्रवाई माना है जिलाधिकारी के इस आदेश को पालिका अध्यक्ष नगर पालिका के कार्यों और अधिकारों में सीधे हस्तक्षेप मानते हुए अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को कारण बताओ नोटिस भेजा हैइसे पालिका अध्यक्ष बबीता जायसवाल ने अवमानना की कार्रवाई माना है जिला अधिकारी के इस आदेश को पालिकाध्यक्ष बच्चा जायसवाल ने नगर पालिका के कार्यों और अधिकारों में सीधे हस्तक्षेप मानते हुए अधिशासी अधिकारी नगरपालिका को कारण बताओ नोटिस भेजा है

साथ ही अवमानना में तलब करने की है तैयारी बताते चलें सुल्तानपुर नगर पालिका अध्यक्ष अध्यक्ष बबीता जयसवाल ने जिन 15 ठेकेदारों को नगर पालिका के कार्यों का ठेका दिया था उसे नियम के विरुद्ध मानते हुए जिला अधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सुल्तानपुर को 14 सितंबर को पत्र लिखा था जिसमें 15 ठेकेदारों का पंजीयन नवीनीकरण को निरस्त करने का निर्देश दिया गया था जिसमें डीएम की तरफ से या भी आदेश दिए गए थे कि ठेकेदारों को पंजीयन निरस्त कर नवीनीकरण की कार्रवाई की जाए जिलाधिकारी का आदेश मिलते ही और जांच अधिकारी ने 15 ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त कर दिया

पालिका अध्यक्ष बोली ईओ को नहीं है यह अधिकार

15 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्तीकरण की कार्यवाही को गलत बताते हुए पालिका अध्यक्ष ने इस आदेश को अपने अधिकार का हनन मानते हुए ईओ को अनुशासनात्मक नोटिस चस्पा करवा दी है नगर पालिका अध्यक्ष का मानना है कि ईओ को ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त करने का कोई अधिकार नहीं है तो उन्होंने 15 ठेकेदारों का पंजीयन कैसे निरस्त कर दिया उन्होंने कहा कि उनके द्वारा घोर अनुशासनहीनता बरती गई है उच्च न्यायालय के आदेश पर आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर लिखा है कि क्यों ना ईओ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए पालिकाध्यक्ष ने 3 दिन के अंदर लिखित स्पष्टीकरण ना देने पर कठोर कार्रवाई की नोटिस चस्पा करा दी है अधिशासी

अधिकारी बोले डीएम का था आदेश

इस प्रकरण में अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि मेरे द्वारा ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त नहीं किया गया है मुझे अपना अधिकार पता है बस हमने 14 सितंबर को जिलाधिकारी के आए हुए आदेश की कॉपी जिसमें 15 ठेकेदारों को नगर पालिका के कार्यों का ठेका दिया गया था उसे नियम संगत ना मानते हुए 15 ठेकेदारों का पंजीयन नवीनीकरण को निरस्त किया था नई पंजीयन करने के आदेश दिए गए थे जिस पर सूचना को नोटिस बोर्ड पर प्रचार प्रसार के लिए लगाया गया है बाकी कुछ नहीं है

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