अंजुमन मसाजिद इन्तेज़मियां कमेटी के संयुक्त सचिव सहित एक हज़ार अन्य पर मुकदमा दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर हुई सुनवाई, आदेश में गई फाइल

शाहीन बनारसी

वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद के वाज़ुखाने में मिली आकृति जिसको वादिनी मुकदमा का दावा है कि वह शिवलिंग है और मस्जिद कमेटी ये दावा कर रही है कि वह फव्वारा है, उक्त प्रकरण में वाद जिला जज की अदालत में विचाराधीन है। इस बीच अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह के द्वारा सीआरपीसी 156(3) के तहत वाद दाखिल कर अदालत से अनुरोध किया कि अमुक वज़ुखाने में मिली आकृति शिवलिंग है। जहा वजू करने से हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावना आहत करने पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया जाय।

इस मामले में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की अदालत में धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले की पोषणीयता (सुनने योग्य है या नहीं) पर सुनवाई हुई। अदालत ने पत्रावली में आदेश दिया है। वादी राजा आनंद ज्योति सिंह की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव व ज्ञानप्रकाश सिंह ने इस वाद के समर्थन में बहस किया और अदालत में अपना पक्ष रखा।

इस वाद में आरोप लगाया गया है कि ज्ञानवापी में शिवलिंग होने की जानकारी के बाद हाथ पैर धोना, थूकना और वजू करने से हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावना आहत हुई है। वादी पक्ष ने अदालत में बताया कि इस मामले में पुलिस के अधिकारियों से शिकायत की गई, मगर उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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