ज्ञानवापी मस्जिद ASI सर्वे तत्काल रोकने के लिए अंजुमन इन्तेज़मियां मसाजिद कमेटी ने लिखा देर रात जिलाधिकारी को पत्र, कहा बिना किसी हुक्म के गैर-कानूनी तरीके से ASI कर रही सर्वे, तत्काल उसे रोके

तारिक़ आज़मी

वाराणसी: ज्ञानवापी मस्जिद में चल रहे ASI सर्वे को तत्काल रोकने के लिए ज्ञानवापी मस्जिद की देख रेख करने वाली संस्था अंजुमन इन्तेजामियां मसाजिद कमेटी के सचिव मुफ़्ती-ए-बनारस मौलाना बातिन नोमानी ने आज मंगलवार को देर रात एक पत्र जिलाधिकारी को लिखा है। पत्र के अनुसार ASI द्वारा 2 सितम्बर से हो रहा सर्वे पूरी तरह गैर कानूनी और बिना किसी अदालत के हुक्म के होना बताया गया है।

बताते चले कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन पर जिला जज द्वारा पारित ASI सर्वे की कार्यवाही पर 2 सितबर तक एएसआई टीम को अपनी रिपोर्ट दाखिल करना था। मगर 2 सितम्बर को एएसआई ने उक्त सर्वे हेतु अदालत में एक अर्जी दाखिल कर सर्वे हेतु 8 सप्ताह का अतिरिक्त समय माँगा था। जिला जज के छुट्टी पर होने से उक्त पत्रावली पर सुनवाई नही हो सकी और सुनवाई के लिए 8 सितम्बर की तारिख मुक़र्रर है। इस दरमियान अंजुमन इन्तेजामियां मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता फुजैल अय्यूबी के दरमियान-ए-वाराणसी दौरे एक गोपनीय बैठक में कई मुद्दे पर आपसी सहमती बनी थी।

जिसके बाद सोमवार को अंजुमन इन्तेजामियां मसाजिद कमेटी की जानिब से सर्वे हेतु और समय दिए जाने के एएसआई के पत्र पर अपना एतराज दर्ज करवाते हुवे बज़रिया अर्जी अदालत को बताया गया है कि एएसआई सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में दिए अपने वायदे के मुखालिफ हमारे तहखाने की मिटटी और मलवा खोद ले गया है। जो अदालत के हुक्म की उदूली है और सख्त एतराज की बात है। इसीलिए एएसआई की नियत साफ़ न होने की स्थिति में इस सर्वे हेतु और समय नही दिया जाना चाहिए।

मस्जिद कमेटी के इस पत्र 375(ग) पर भी एएसआई के पत्र संख्या 374(ग)/3 के साथ ही 8 सितम्बर को सुनवाई होनी है। अदालत ने किसी प्रकार का कोई अन्य हुक्म जिला जज के न रहने पर नही जारी किया है। सूत्रों के अनुसार बताया जाता है मस्जिद कमेटी की गोपनीय बैठक में पास कुछ अहम् मुद्दों में यह एतराज़ पहला मुद्दा था। उम्मीद किया जा रहा है कि अदालत 8 सितम्बर को दोनों अर्जी पर सुनवाई करेगी।

वही आज मस्जिद कमेटी की उस गोपनीय बैठक में पास दुसरे मुद्दे की रूप रेखा सामने आई है। इसके तहत अदालत के आदेश का हवाला देते हुवे एएसआई सर्वे को तत्काल रोके जाने हेतु मंगलवार की देर रात जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग किया गया है कि यह सर्वे तत्काल रोका जाए क्योकि अदालत के हुक्म से मुख्तलिफ यह सर्वे हो रहा है। पत्र मंगलवार को देर रात 11 बजे के बाद जारी किया गया है। पत्र की प्रति मीडिया को विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदान किया गया है।

पत्र में अंजुमन इन्तेजामियाँ मसजिद कमेटी के सचिव मुफ़्ती-ए-बनारस मौलाना बातिन नोमानी ने कहा है कि ‘2 सितम्बर को जिला जज की अनुपस्थिति में एएसआई द्वारा अपनी अर्जी संख्या 374(ग)/3 एडीजे प्रथम के अदालत में पेश किया गया, जहा से उक्त अर्जी को जिला जज के समक्ष पेश करने हेतु आदेशित किया गया। इस मामले में अगली सुनवाई की तारिख 4 सितम्बर मुकर्रर कर दिया गया, जब 4 सितम्बर को उक्त अर्जी जिला जज के समक्ष पेश हुई तो उन्होंने निश्चित तिथि 8 सितम्बर को पत्रावली के साथ प्रस्तुत करने का हुक्म दिया। किसी भी अदालत से न सर्वे की अवधी बढाया गया है और न ही सर्वे जारी रखने का आदेश पारित हुआ है।’

मुफ़्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने पत्र में कहा है कि ‘इसके बावजूद भी सर्वे जारी है, जो कि कानूनन दोषपुर्ण है। 2 सितम्बर के बाद से सर्वे से सम्बन्धित किया गया समस्त कार्य गैर कानूनी है।’ पत्र में जिलाधिकारी से सर्वे तत्काल रोके जाने की मांग किया गया है। पत्र के बाद से इस बात की चर्चा जोरो पर है कि जिला प्रशासन क्या बुद्धवार को सर्वे की अनुमति देगा।

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