ये क्या..? डीएम साहेब खुद कर गए तिरंगे की शान को तार तार

तिरंगे के शान को किया तार तार करने के बाद कोई पछतावा नहीं 

मंत्री जी का वरदहस्त प्राप्त है डीएम साहेब को – सूत्र किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मी /क्लर्क पर अपनी गलती थोप देंगे डीएम साहेब – सूत्र 

निलोफर बानो 
बहराइच – गणतंत्र दिवस के 68 वीं वर्षगाँठ के मौके पर पुरे देश सहित बहराइच जनपद में भी गणतंत्र दिवस बड़ी ही धूम धाम के साथ मनाया गया जिसके अन्तर्गत होने वाले तमाम कार्यक्रमों की श्रंखला में स्थानीय पुलिस लाइन स्टेडियम में आयोजित होनी वाली ऐतिहासिक परेड में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिले के जिलाधिकारी ने परेड के दौरान उल्टा तिरंगा लगाकरअपनी गाड़ी से परेड का निरीक्षण किया. शायद डीएम साहेब अपने कुर्सी के घमंड में थे और तिरंगे का  घोर अपमान कर डाला और अभी उनकी तरफ से किसी किस्म के पछतावे का कोई ब्यान भी नही आया है. हमेशा विवादों में रहने वाले बहराइच के डीएम ने जानकारी होने के बावजूद और चतुर्दिक अपनी निंदा होने के बावजूद किसी तरह का कोई पछतावा नहीं किया और इस सम्बन्ध में कोई बयान नहीं दिया.
पुलिस लाइन ग्राउण्ड में परेड निरीक्षण के लिए डीएम अभय को मुख्य अतिथि बनाया गया था.  झंडारोहण करने के बाद जब डीएम अभय परेड का निरीक्षण करने के लिए जिस गाड़ी पर सवार हुए उस गाडी पर उल्टा तिरंगा लगा हुआ था जिसे डीएम ने देखकर भी अनदेखा कर दिया. आप फोटो में देख सकते हैं कि काला चश्मा लगाए गाड़ी पर खड़े डीएम अभय ने बड़े ही बेअंदाजी रवैये में परेड की सलामी ली. सलामी लेते वक्त गाडी पर उल्टा लगा तिरंगा उन्हें नहीं दिख रहा था. शायद काले चश्मे ने उनके कुर्सी के घमंड को इतना बड़ा कर दिया कि वह खुद को देश से भी बड़ा समझ रहे है. 

 क्यों है इतना घमंड 

जिलाधिकारी पहले से ही विवादों में रहे है. कभी फोटोग्राफ़रो का कैमरा बंद करवा देना कभी पत्रकारों को अपमानित कर देना कभी कुछ तो कभी कुछ. जानकारों की माने तो जिले के एक कद्दावर मंत्री के दाहिने हाथ के तरह काम करने वाले जिलाधिकारी को मंत्री जी का वरदहस्त प्राप्त है यही कारण है कि जब भी जिलाधिकारी पर कोई कार्यवाही की सुगबुगाहट मिलती है तो उनकी रक्षा हेतु मंत्री जी स्वयं प्रकट हो जाते है. यही नहीं मंत्री जी के लिए डीएम साहेब भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते है. सूत्रों की माने तो आचार संहिता सभी दलों के लिए लगी है मगर मंत्री जी पर डीएम साहेब का विशेष वरदहस्त प्राप्त होने के कारण मंत्री जी के लोग आचार संहिता की धज्जिया उड़ाते रहते है. शिकायतों के बावजूद मंत्री जी के लोगो पर कोई कार्यवाही नहीं होती है. 

 क्या होगा आगे. 

जिलाधिकारी महोदय तो नियमो से खेलना शायद बखूबी जानते है. इस प्रकरण के उछलने के बाद अब डीएम साहेब किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मी अथवा किसी क्लर्क पर अपनी गाज गिरायेगे और इसका ज़िम्मेदार उसको ठहरा कर सभी कार्यवाही उसके विरुद्ध कर देंगे और प्रकरण का इतिश्री कर देंगे. मंत्री जी जिलाधिकारी पर कोई कार्यवाही होने नहीं देंगे और उनकी रक्षा के लिए वह कर्ण के कवच कुंडल के तरह सामने आ जायेगे.

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