नये कपड़े पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे

शबाब ख़ान

वाराणसी : ईद की खरीदारी में लोग मशग़ूल है, हर मुस्लिम परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से भी बढ़ कर अपनें परिवार के बच्चों के लिए नये कपड़े, नये जूते, चप्पल के इंतज़ाम में लगा हुआ है क्योकि हर कोई जानता है कि ईद आने का सबसे ज्यादा इंतजार अगर किसी को होता है तो वे बच्चे ही होते है, सो उनकी खुशी को बनाए रखनें के लिए हर मुस्लिम कुनबा बढ़ चढ़कर खर्च करता है। लेकिन कुछ ऐसे भी परिवार हैं जिनकी माली हैसियत ईद का खर्च उठाने लायक नही है।

विशाल भारत संस्थान नें ऐसे ही 60 परिवारों की पहचान की जहां न तो सेंवई आ रही थी, न ही नए कपड़े। इन घरों के बच्चों की मायूसी दूर करने के लिए विशाल भारत संस्थान ने नए कपड़े बांटने का निर्णय लिया। संस्थान के सदस्य अरिहंत जायसवाल ने बच्चों के लिए कपड़े उपलब्ध कराए और शनिवार को हुकुलगंज स्थित विशाल भारत संस्थान परिसर में संस्थापक डा.राजीव श्रीवास्तव ने बच्चों को नए कपड़े बांटे।
ईद की खुशी में सभी को शामिल करने के लिए अनाज बैंक ने 300 मुस्लिम परिवारों को अनाज के साथ सेंवई और चीनी वितरित की। मुख्य अतिथि डा. इरफान अहमद शम्सी थे। डा. राजीव श्रीवास्तव ने कहा किसी घर में अगर बच्चे खुश नहीं रहेंगे तो ईद की खुशी फीकी पड़ जाएगी। डा.हेमंत गुप्ता, अर्चना भारतवंशी, नजमा परवीन, नाजनीन अंसारी, डा.मृदुला जायसवाल, विद्या कुशवाहा, खुशी रमन, उजाला, दक्षिता आदि उपस्थित थीं।

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