आईएएस बनने के बाद जनपद में प्रथम आगमन पर जिले के लाल का हुआ भव्य स्वागत

अंजनी राय.

बलिया। राजनीति की सीढ़ियों से आईएएस जैसे उच्च पद पर जाने वाले जनपद के लाल शशांक शेखर के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। भृगु मन्दिर पर छात्रनेता रानाकुनाल सिंह, जैनेन्द्र पांडेय मिंटू, रूपेश चौबे, सत्यम तिवारी के साथ अन्य छात्र संगठनों के समूह ने शशांक को फूल मालाओं से स्वागत किया।

सफल राजनीति व उच्च शिक्षा का अनोखा संगम शशांक जिले व यूपी से लेकर देश भर के युवाओं के प्रेरणास्रोत होंगे। अक्सर राजनीति में आने के बाद पढ़ाई से लोग दूरी बना लेते है। ऐसे लोगो के लिए यह बेहतर सीख साबित होंगे। उधर, आईएएस परीक्षा में चयनित होने के बाद पैतृक गांव पहुचे शशांक शेखर सिंह का सुरेमनपुर में भब्य स्वागत किया गया। क्षेत्र भर के लोंगो ने इस होनहार सपूत का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। शशांक खूली गाड़ी में सुरेमनपुर से रानीगंज बाजार पहुचे, जहा कोटवां मोड़ पर पीजी कालेज सुदिष्टपुरी के छात्र नेताओ ने उनका जोरदार स्वागत किया। शशांक शेखर ने कहा कि जीवन में हरेक लोगों को एक सपना देखना चाहिए तथा उस सपने को साकार करने के लिये पुरी निष्ठा से परिश्रम करना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों से जो स्नेह व आशीर्वाद मुझे मिला, उसके लिये मैं सभी का आभारी हूं। शशांक रानीगंज बाजार स्थित श्री योगी बाबा, स्वामी जी महाराज बाबा कि समाधि पर भी गये, जहा उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ माथा टेका।द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गाव निवासी शशांक शेखर सिंह पुत्र श्री दिनेश सिंह वर्ष 2016 की आईएएस के परीक्षा में शामिल होकर 306 वां रैंक प्राप्त  किया है। शशांक की प्राथमिक शिक्षा गाव के प्राथमिक पाठशाला गोंहिया छपरा में हुई थी। उसके बाद मिडिल दिल्ली से और हाई स्कुल व इंटर मीडिएट बाम्बे के मानव भारती इंडिया इंटर नेशनल स्कुल से वर्ष 2006 हाई स्कुल में 90.02 प्रतिशत व वर्ष 2008 में इंटर में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किया व वर्ष 2012 में दिल्ली कालेज आफ इंजीनियरिंग दिल्ली से सिविल ट्रेड से बीटेक की परीक्षा 80 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण की। वर्ष 2014 में दिल्ली प्रद्योगिकी विश्व विद्यालय दिल्ली से एम् टेक की परीक्षा 76 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण की। अभी भी भूमिगत जल आर्सेनिक निवारण विषय पर पी एच डी करते हुए भी दिल में आईपीएस होने के ख्वाब लेकर वर्ष 2016 के परीक्षा में शामिल हुए और सफलता हासिल किया। शशांक की मा गृहणी है। अपने तीन भाई बहनों में बड़ा शशांक है। वही बहन श्वेता सिंह जॉब करती है व रानू सिंह दिल्ली से बी टेक कर रही है। पिता वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इंजीनियर के पद पर तैनात है। आईएएस में सफल होने के बाद क्षेत्र में पहुचे शशांक को देखने के लिये भारी भीड़ पहुची थी। 

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