जिला महिला अस्पताल में आपरेशन के लिए दबाव बनाने का आरोप डाक्टर ने कहा निराधार है आरोप

प्रमोद दुबे 

सुलतानपुर। जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली में कोई बदलाव नही आ रहा है। मरीजों व तीमारदारों से अभद्रता करना उनकी कार्यशैली में सुमार है। दूर-दराज से आए हुए मरीजों पर आपरेशन के नाम पर दबाब बनाकर वसूली करना उनकी आदत बन चुकी है। 

सोमवार को कोतवाली नगर के स्टेट बैंक के पीछे निवासी अरूण निषाद ने अपनी पत्नी विजेता को जिला महिला अस्पताल में प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती कराया। उनका अरोप है कि सोमवार को अस्पताल में जब उनकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने ओपीडी में जाकर डा. रीता सिंह को दिखाया तो उन्होंने हालत नाजुक बताते हुए आपरेशन के लिए दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि वहां पर तैनात स्टाफ नर्स ने उनसे अभद्रता की। पेरशान होकर अरूण निषाद ने अपनी पत्नी को एक प्राईवेट नर्सिंगहोम में ले जाकर भर्ती कराया। जहां पर आधे घंटे बाद ही नार्मल डिलेवरी से लड़का पैदा हुआ। अरूण निषाद ने इस घटना पर स्वास्थ्यकर्मियों पर आपरेशन का दबाव बनाने व अभद्रता करने की शिकायत की है। इस सम्बंध में जब डा. रीता सिंह से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि पीड़िता की तबियत दो-तीन दिन से खराब थी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में देखने के बाद आपरेशन की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हे मरीज ले जाने के लिए नही कहा गया। आपरेशन के लिए कोई दबाव नही बनाया गया। आपरेशन के लिए मात्र सलाह दी गयी थी। उन्होंने अरोप को निराधार बताते हुए कहा कि आपरेशन हो सकता है, यही कहा गया था। मरीज अस्पताल से नही गया होता तो यंहा भी नार्मल डिलेवरी हो सकती थी। 

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