वीनस दीक्षित के कलम से – फिर भी महान है

वीनस के कलम से

एक समय की बात है जब एक सभ्य शिक्षित सज्जन बेरोजगारी से बेबस हो विदेश में नौकरी करने के लालसा से विदेश में पहुँचा। इंटरव्यू के दौरान जो वाक्या घटित हुये उसके कुछ तथ्य मैं आपके सामने पेश करती हूँ। इंटरव्यूकर्ता ने सज्जन से पूछा मैने सुना है कि आपका भारत महान है विकासशील। फिर यहाँ नौकरी करने का विचार कैसे आया ?

सज्जन ने पहले बड़े विन्रमता से कहाँ की हाँ मेरा देश महान है अनेकता मे एकता है। लोकतान्त्रिक देश है सभी धर्मो को समान नज़रो से देखा जाता है भाई-चारे की भावना है। इतना कहते ही भारतीय नागरिक खोमोश हुआ सामने से आवाज़ आई बोलो और कितना महान है तुम्हरा देश। भ्रष्टाचार में झुलझा हुआ भारतीय को न बोलते बना ना चुप रहते वे खामोश होकर बुदबुदाते हुये सोचता है हाँ मेरा भारत महान तो है।
 यहाँ के नागरिक जो सभी धर्मो को लेकर दंगों के भेंट चढ़ते है और कहते  भारत धर्मनिरपेक्ष। दंगे करवाने वाले कोई और नहीं बस कुछ भ्रष्ट नेताओं के इशारे पर नाचने वाले टट्टू होते है और हमारा काम वैसे ही हो जाता है जैसे कोई कह दे ” कौवा कान ले गया और हम कौआ के पीछे दौड़ते है न की  कान देखते  है” ऐसे में एक दूसरे को मारना, जलाना, धार्मिक स्थलों को हानि पहुँचाना। दूसरे धर्म की महिलाओं को  सम्मान की नजर से न देखना। अन्तरजातीय विवाह को समाज में सम्मान की नजर से न देखना। धर्म के नाम पर किसी की जान लेने में नहीं झिझिकते। 
हम भारतीय अपनी रूढ़िवादी सोच को धर्म के आड़ में कैसे प्रयोग करें हमे अच्छे से आता है यहाँ जाति वोट का बहुत प्रचनल है इसलिये कभी देश के कुछ नेताओं ने सभी धर्मो को एक नहीं होने दिया। लोगो की सोच अभी भी अपने-अपने धर्मो के किताबो में अटकी पडी है। भारतीय जो कभी समय के साथ आगे बढ़ना नहीं चाहते फिर चाहे वे किसान ही क्यों न हो। किसान की खेती कर के किसान गरीब है, गंगा के नाम पर लिया धन कहाँ जा रहा है कोई नहीं जानता। यमुना नाला में परिवर्तित हो चुकी है सरकारी दस्तावेज में दम तोड रहे है, यहाँ का हाईटेक शहरी वातावरण में शुध्द हवा मिलना मुश्किल हो रहा है फिर हाईटेक के होड़ में कई शहर है, गङ्ढों में धँसी सड़के, ट्रैफिक न जाने कितनो की जिंदगी लील ले, आँगनबाड़ी में दिया जा रहा मिड डे मील में कीड़े मिल जाते है वहाँ कोई कार्यवाही नहीं है, और तो और दुष्कर्म होने के बाद महिलाओं के पहनावे लेकर नेताओँ की बयानबाज़ी मिडिया की टीआरपी बढाती है, मीडिया का व्यापारिक मिशन जो हमसे जुदा नहीं, महिला शोषण के नाम पर हज़ारो घर की छुटकी को हमेशा के लिये नींद सुला दी जाती है ‘ पर कोई कारवाही नहीं  मोदी जी मन की बात तो करते है लेकिन करते भी मन की है. मदिरा को टैक्स फ्री कर घर घर में शौचालय बनवा रही है ताकि दुष्कर्म कम होंगे और महिलाएं सुरक्षित रहेगी। जब तक गरीबी नही खत्म होगी कोई क्या गारन्टी लेगा।  हमारी केंद्र सरकार महान है। भारतीय भाषा हिंदी के अस्तिव को खतरे में डालने वाले इंग्लिश मीडियम स्कूल महान है। सरकारी सेवा से जी चुराकर निजी क्लिनिक में मरीजो का खून चूसने वाले डॉक्टर महान है। सरकारी सर्विस में आठ घंटे की ड्यूटी कर 50 हजार पाकर भी सांतवे वेतन की मांग लेकर धरना प्रदर्शन करने वाले और प्राइवेट में आठ से सोलह घंटे देकर बीस हजारी पाकर भी मौन रहने वाले महान है। 

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