बिना ई-टेंडरिंग के हुए टेंडर माने जायेगे शून्यः आयुक्त

यशपाल सिंह 

आजमगढ। आजमगढ़ की सबसे बड़ी नगर पालिका नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के रजिस्टर्ड ठेकेदारों ने मंडलायुक्त आजमगढ़ को परिषद मैं चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की मिलीभगत से नियम विरुद्ध टेंडर करने और अपने चहेतों को बंदर बांट कर धन उगाही का आरोप लगाया।

मंडलायुक्त को नगरपालिका के ठेकेदारों ने पत्र के माध्यम से बताया कि नगर पालिका परिषद के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी खुलेआम नीलामी की कोई नोटिस चस्पा नहीं करते हैं, विकास कार्यों के लिए किए जाने वाले टेंडर का प्रकाशन अप्रचलित  अखबारों में फर्जी तरीके से करा कर अपने चाहे तू मैं बंदरबांट  कर धन उगाही का खेल खेल रहे हैंस  शासन की मनसा के विरुद्ध नगरपालिका में ई-टेंडरिंग नहीं करा कर मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा हैस मंडलायुक्त महोदय से टेंडर से वंचित ठेकेदारों ने मांग किया है कि नगर पालिका द्वारा किए जा रहे इस खेल की जांच कराई जाए जिससे कि इसके पहले तथा वर्तमान समय में हुवे टेंडरों की सत्यता का पता चल सके  आरोपों को संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने जिलाधिकारी को ई-टेंडरिंग एवं जनहित में त्वरित कार्य हेतु मेनुअल टेंडरिंग की आवश्यकता देखते हुए समस्त मंडल स्तर के अधिकारियों को इस बाबत निर्देशित किया है कि टेंडरों का प्रकाशन प्रतिष्ठित व स्थानीय अखबारों में हो तथा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए जिला अधिकारी को प्रस्तुत पत्रावली 3 दिन के अंदर निस्तारित किया जाए। कमिश्नर को नपा में हो रहे धन उगाही के खेल को उजागर करने के लिए व 1 जुलाई से  आज तक टेंडर के चोरी को उजागर करने का दिया आवेदन देने वाले सुनील जायसवाल विशाल श्रीवास्तव रोहित राय लाल बहादुर चैहान बृजेश पांडे निर्मला राय बिंदु गुप्ता अनिल कुमार आदि ठेकेदारों ने जांच कराकर उनके साथ हो रही नाइंसाफी को रोकने की दिशा में कार्यवाही करने की मांग किया।

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