विद्यार्थियों को किशोरमय अवस्था में कैसे मार्गदर्शित करें – लायन विकास सक्सेना

गौरव जैन

रामपुर. लायंस क्लब रामपुर उपकार के माध्यम से व्हाइट हॉल पब्लिक स्कूल में आरम्भ हुआ तीन दिवसीय  “लायंस क़ुएस्ट” वर्कशॉप, जिसका शुभारम्भ रीजन चेयरपर्सन लायन विकास सक्सेना ने किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि लायंस क्लब इंटरनेशनल पूरे विश्व में इस प्रकार की वर्कशॉप का आयोजन कर रहा है।  इन वर्कशॉप के माध्यम से बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाती है कि २१ वीं सदी के छात्र एवं छात्रों को शिक्षा के साथ अन्य आवश्यक ज्ञानवर्धक विषयों की जानकारी कैसे दी जाए।

उन्होंने कहा कि सीखना एवं सिखाना कभी समाप्त नहीं होता।  हम जब छात्र होते हैं तब सीखने के साथ अन्य साथियों को सिखाते हैं इसी प्रकार अध्यापक बनने के बाद भी आज के नए युग में आवश्यक विषयों को सीखना बहुत जरुरी है, इसी क्रम में लायंस क्लब इंटरनेशनल शिक्षकों के लिए यह वर्कशॉप लाये हैं।

मुख्य अतिथि व्हाइटहॉल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. बसन्त गुप्ता ने सभी शिक्षकों से तन्मयता से वर्कशॉप में भाग लेकर सभी विषयों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला एवं समस्त लायन साथियों का धन्यवाद दिया। विशिष्ठ अतिथि जोन चेयरपर्सन लायन मोहित गुप्ता ने तीन दिवसीय वर्कशॉप को आयोजित कराने हेतु लायन क़ुएस्ट के चेयरमैन लायन हरीश डुडेजा एवं मुख्य कोर्डिनेटर लायन आशीष जिंदल जी का आभार व्यक्त किया एवं सभी शिक्षकों से ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने को कहा।

लायन क़ुएस्ट वर्कशॉप के लिए लायंस क्लब इंटरनेशनल से अनुमोदित डॉक्टर रत्ना चौधरी वरिष्ठ ट्रेनर ने तीन दिवसीय वर्कशॉप में निम्न बिंदुओं को सर्वप्रथम अध्यापकों को प्रस्तुत किया। २१वीं सदी के छात्र एवं छात्राओं को अधिक मार्गदर्शन की आवश्यकता नहीं वरन सही मार्गदर्शन की आवश्यकता है। आज का कम्पटीशन वाला माहौल  विद्यार्थी को इतना ज्यादा व्यस्त कर रहा है कि बालक समाज से दूर सिर्फ किताबों में उलझे हुए हैं। उनमें सहनशीलता इतनी कम हो हो गयी है कि वह थोड़ी सी बात पर अपने माता पिता से नाराज होने लगते हैं।

जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं उनमें घर वालों के प्रति लगाव कम होने के साक्ष्य मिल रहे हैं। इन सब बातों में  उलझकर बच्चे इतने ज्यादा तनाव ग्रस्त हैं कि लक्ष्य की पूर्ति नहीं होने पर आत्म हत्या जैसे कृत्य को अपनाने में देर नहीं करते। पिछले चार वर्षों में  चालीस हजार विद्यार्थियों ने आत्म हत्या की जिनमें सर्वाधिक संख्या भारत में रही।  यह किसी दृष्टि से किसी सिस्टम को ख़राब दर्शाने हेतु नहीं कहा जा रहा, वरन सही मार्गदर्शन की कमी को दर्शाता है।

हमारे शिक्षकों जिनमें शिक्षक, माता एवं पिता आते हैं उनको अपने बच्चों को लक्ष्य हेतु विकल्पीय रास्ते बताने चाहिए, जिससे यदि एक में अच्छा रिजल्ट नहीं आ पा रहा तब उसके सामने अन्य विकल्प भी खुले  हों। किशोरवय बच्चे अधिकतर एकल रहना पसंद करने लगते हैं एवं ज्यादातर घर आने वाले मेहमानों से मिलने में कतराते हैं। यह बचपना नहीं एक समस्या का जन्म है।  इसी प्रकार बच्चे अपना लक्ष्य चुनने में मातापिता की सहभागिता से नाराजगी दिखाते हैं यह भी एक विकराल समस्या बनती जा रही है।  इन समस्याओं से निदान कोई संस्था या स्कूल नहीं करवा सकता। सिर्फ टीचर ही है जिसको सही तरीके से इन समस्याओं से बच्चों को बचाना है। वर्कशॉप में डॉ रत्ना चौधरी ने एक्टिविटीज के माध्यम माध्यम से सभी शिक्षकों को बहुत रोचक ढंग से जटिल  टॉपिक्स की व्याख्या की ।

लायन क़ुएस्ट कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालयों के शिक्षकों को वर्कशॉप कराई जा रही है जिससे कि ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैले और हमारी नयी पीढ़ियां खुशनुमा माहौल में आगे बड़े। कार्यक्रम में संचालन लायन क़ुएस्ट एक्टिविटी चेयरमैन लायन हरीश डुडेजा जी ने किया एवं आज के सत्र समापन पर धन्यवाद क़ुएस्ट कोर्डिनेटर लायन आशीष जिंदल ने किया।

लायन क्लब रामपुर उपकार के अध्यक्ष लायन मनु मांगलिक ने सभी शिक्षकों एवं व्हाइटहॉल पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य श्रीमति ऋतु गुप्ता का आभार व्यक्त किया।  कार्यक्रम में कुल 25 शिक्षकों ने भाग लिया।  यह वर्कशॉप 23 जनवरी तक चलेगी, जिसमें केवल प्रथम दिन रजिस्ट्रशन करवाने वाले ही भाग ले सकते हैं।

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