मऊ-लेखपालों की अधिकांश मांगे पूर्व में ही मानी जा चुकी हैं, हड़ताल पर जाना उचित नहीं: जिलाधिकारी

संजय ठाकुर

मऊ-जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा है कि प्रान्तीय लेखपाल संघ के आहवान पर आठ सूत्री मांगों को लेकर मण्डल के तीनों जनपद में भी लेखपालों की हड़ताल चल रही है, जबकि उनके द्वारा समय-समय पर की गयी मांगों के क्रम में शासन द्वारा कई सुविधायें उपलब्ध कराई गयी हैं। जिलाधिकारी ने गत दो वर्षों के दौरान लेखपालों को उपलब्ध कराई गयी सुविधाओं एवं दिये गये लाभों के सन्दर्भ में बताया कि प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सभी लेखपालों को स्मार्ट फोन, ई-डिस्ट्रि योजना के अन्तर्गत लैपटाप उपलब्ध कराये गये हैं।

उन्होंने बताया कि जन सुविधा केन्दों द्वारा दी जा रही शासकीय सुविधाओं में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के आवेदन पत्रों की प्रिन्टिंग पर होने वाले व्यय की आपूर्ति हेतु प्रति आवेदन लेखपाल को 5 रुपये का भुगतान का निर्देश भी राजस्व परिषद द्वारा निर्गत किया गया है। इसके अलावा लेखपालों को आधारभूत सुविधायें जैसे फर्नीचर, शौचालय, बैठने की व्यवस्था आदि अनुमन्य किये जाने हेतु प्रति तहसील एक लाख रुपये प्रयोक्ता प्रभार से खर्च किये जाने की सुविधा भी दी गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व परिषद द्वारा लेखपालों को शीघ्र प्रोन्नति हेतु राजस्व निरीक्षकों के 1409 अतिरिक्त पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है जिस पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, लेखपालों की प्रोन्नति हेतु वर्ष 2015 व 2016 में कुजल 1808 राजस्व निरीक्षकों के अतिरिक्त पदा सृजित करने के साथ ही चयन वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की रिक्तियों के सापेक्ष 2521 कार्मिकों को राजस्व निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति भी की गयी है।

जिलाधिकारी ने लेखपालों को उपलब्ध कराई गयी अन्य सुविधाओं के सम्बन्ध में बताया कि लेखपालों को उनके निजी अनुरोध पर गत 29 जून को 279 तथा 13 दिसम्बर को 364 (कुल 643) लेखपालों को उनके गृह मण्डल में स्थानान्तरण, इस वर्ष लगभग 11000 सीधी भर्ती के चयनित प्रशिक्षु लेखपालों को अर्हकारी परीक्षा का परीक्षाफल निर्गत करने, राजस्व निरीक्षकों एवं लेखपालों द्वारा विभिन्न फसलों पर क्रापकटिंग के प्रयोगों के सम्पादन हेतु शासन द्वारा अनुमन्य दर 100 रुपये से बढ़ाकर 206 रुपये किये जाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 1 जनवरी 1986 से 31 दिसम्बर 2005 तक के मौलिक रूप से नियुक्त लेखपालों की प्रदेश स्तरीय ज्येष्ठता सूची निर्गत किये जाने की कार्यवाही गतिमान होने के साथ ही चयन वर्ष 2018-19 की रिक्तियों के सापेक्ष पदोन्नति किये जाने हेतु 31 दिसम्बर 1985 तक के मौलिक रूप से नियुक्त लेखपालों की 10 वर्षों की वार्षिक प्रविष्टियाॅं एवं चरित्र पंजिकायें राजस्व परिषद को उपलब्ध करा दी गयी हैं जिसपर पात्रता की सूची तैयार चयन की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग की प्रधानमन्त्री किसान सम्मान योजना में प्रति खाता 18.00 रुपये इन्सेंटिव दिये जाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा लेखपालों को इन्टरनेट व्यय के सम्बन्ध में 251 रुपये प्रतिमाह का व्यय स्वीकृत कर जनपदों को बजट आवंटित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि दो वर्षों में उपलब्ध कराई गयी इन सुविधाओं एवं दिये गये लाभों से स्पष्ट होता है कि लेखपालों की अधिकांश मांगे पहले मानी जा चुकी हैं, जबकि शेष मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। वर्तमान समय में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध प्रदर्शन के कारण कानून व्यवस्था की स्थिति एवं हड़ताल से आमजन को हो रही परेशानियों को देखते हुए के दृष्टिगत लेखपालों का हड़ताल पर चले जाना उचित नहीं है।

उन्होंने लेखपालों से कहा कि उपलब्ध कराई गयी एवं विचाराधीन सुविधाओं एवं परिस्थियों को देखते लेखपालों से कार्य पर लौट आने का आहवान किया है।

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