कोतवाल विनय प्रकाश सिंह ने किया फर्जी आडियो वायरल करने वाले जिला बदर अपराधी को गिरफ्तार

इदुल अमीन

जौनपुर। केराकत कोतवाली क्षेत्र के उदयचन्दपुर गांव में रविवार देर रात दबिश देकर केराकत कोतवाल विनय प्रकाश सिंह ने छह माह के लिए जिला बदर किये गए अपराधी को धर दबोचा है। उदयचन्दपुर निवासी पियुष्कान्त यादव को डीएम जौनपुर ने चुनाव के समय छह माह के लिए किया था जिला बदर। गिरफ्तारी के बाद जिला बदर अपराधी के घर के ही लोगो द्वारा आसपड़ोस के लोगो और मुखबिरों के साथ गाली गलौज करने और अशांति फैलाने के आरोप में पुलिस ने दो अन्य लोगो को भी गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार गत 14 मई को डीएम जौनपुर द्वारा निर्गत आदेश में पियुष्कान्त यादव को आपराधिक प्रवित्ति का होने के कारण जिला बदर घोषित कर दिया गया था। चुनाव बाद वह छुप कर जैसे ही अपने घर ही आया तो मुखबिरों से सूचना मिलने केराकत पुलिस ने उसे रविवार देर रात उसके घर के समीप से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पियुष्कान्त के लड़कों और परिजनों द्वारा आसपड़ोस के लोगो पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए गाली गलौज करने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई जिस पर करवाई करते हुए केराकत पुलिस ने पियुष्कान्त के लड़कों को भी देर रात गिरफ्तार कर लिया।

दबिश से चिढ़कर वायरल किया गया फर्जी आडियो

बता दें कि रविवार सुबह से ही दो ऑडियो वायरल किये गए जिसको लेकर कोतवाल केराकत विनय प्रकाश सिंह के ईमानदारी पर आरोप भी लगाने का प्रयास किया गया। जिसे लेकर क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं भी व्याप्त रहीं। सभी चर्चाओं पर विराम देते हुए कोतवाल विनय प्रकाश सिंह ने आखिर में पियुष्कान्त की गिरफ्तारी कर ही ली।

जाने क्या है पुरा मामला

दिनांक 14 मई 21 को कोतवाल विनय प्रकाश सिंह डीएम जौनपुर के आदेश के पालन में उदयचन्दपुर निवासी पियुष्कान्त यादव उर्फ पी के यादव के घर जाकर नोटिस चस्पा करते हुए डुगडुगी बजवा कर सबको सूचित किया कि पीके यादव को जिला बदर किया गया है अतः वह अब से अगले छह माह तक जौनपुर जिले में नही रह सकता है ना ही चुनाव में मतदान करने जा सकता है। चूंकि उक्त समय पर पी के यादव घर पर नही था तो उसके परिजनों से पीके यादव का नम्बर लेकर उसे फोन कर के भी उपरोक्त जानकारी दी गई। बता दें कि जिला बदर की नोटिस चस्पा करने के बाद व्यक्ति को 12 घण्टे तक का समय दिया जाता है जिला छोड़ने के लिए। उसके बाद जिले के दिखने पर उसकी गिरफ्तारी की जाती है। नोटिस के बाद पीके ने जिला छोड़कर आजमगढ़ जिले में शरण ले ली लेकिन कुछ ही दिनों बाद वह पुनः अपने घर के आसपास चोरी छिपे आने जाने लगा। जिसकी जानकारी पुलिस को होते ही केराकत पुलिस ने उसके घर दबिश देना शुरू कर दिया।

फलस्वरूप पीके यादव ने एक फर्जी ऑडियो वायरल कर विनय प्रकाश सिंह के ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता पर दाग लगाना चाहा। इस ऑडियो को लेकर मीडिया भी भ्रमित हो गई। लेकिन केराकत प्रभारी निरीक्षक विनय प्रकाश सिंह इन सब हथकंडों से भली भांति परिचित थे अपनी ईमानदारी को साबित करते हुए रविवार देर रात केराकत पुलिस ने मुखबिर की सूचना और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जिला बदर अपराधी पियुशकांत को उसके घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *