पूर्व आईपीएस ने पोस्ट किया नीलगिरी ग्रुप का धमकी देने वाला वीडियो, उठे कई सवाल पहुचते है शाईन सिटी तक, पढ़े तारिक़ आज़मी की मोरबतियाँ

सबका पईसा बटोर कर राशिद नसीम फुर्र हो गया आखिर में। मिल गई लोग को गाडी और मोटर। हमार कक्का कहते है कि लालच बुरी बला है। केहू मन्व्बे न करेला हम का करी। मगर जाते जाते अपने चेला और चेलियो को फर्जीगिरी सिखा कर चला गया है।

तारिक आज़मी

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के द्वारा रोज़ ही समाज से जुड़े ज़मीनी स्तर के मुद्दों को अपने ट्वीट के माध्यम से उठाया जा रहा है। हम इस पर होने वाली पुलिस कार्यवाही की बात नही कर रहे है। मगर कम से कम खुद को सफेदपोश बना कर लम्बी लम्बी गाडियों से अपना भौकाल बना कर फिरने वाले लोग असली चेहरा सामने तो आता है। इसी कड़ी में आज पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने प्रधानमन्त्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो को देखकर कई सवाल खड़े हो चुके है। हम एक बार फिर कहते है कि हम पुलिस कार्यवाही की बात नही कर रहे है। बातिया गुरु कुछ अऊर है। पहले तनिक वीडियो देखे और ऊ वीडियो में लोगन का बात सुने। हम तनिक वीडियो एक सम्बन्ध में आपको बतिया देते है।

बतिया कुछ अइसी है कि निलगिरी ग्रुप के खिलाफ सीबीआई जाँच चल रही है।  इस समूह पर कई करोड़ फ्राड करके गबन करने का आरोप है। कुछ ऍफ़आईआर भी दर्ज हुई है। इस संस्था के एक शायद बैठक का ये वीडियो है। निलगिरी के मालिको ने बैठक बुला रखा है और मालिक तथा शायद मालकिन मिल कर एक मिला के बड़ी जबरदस्त फटकार रही है। ऊ गुरु हाथ बांधे नज़र झुकाए खड़े है और महिला जो शायद संस्था की मालकिन रही होंगी खुबे जमकर लताड़ रही है। निलगिरी के साथ काम करने पर ऊ बता रही है कि ई कितना जल्दी करोडपति बन गवा है। साहब भी इम्मे कहते दिखाई दे रहे है कि शाइन सिटी छोड़ कर जब ई आये रहे त तब का शक्ल देखा अब का देखा। खुबे जमकर लानत मलानत वीडियो में भवा है।

इस वीडियो एक साथ समाजसेविका नूतन ठाकुर ने एक शिकायती पत्र भी पुलिस कमिश्नर वाराणसी सहित अन्य को भेजा है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्हें प्राप्त एक शिकायत एवं विडियो के अनुसार नीलगिरी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह तथा एमडी रितु सिंह द्वारा तमाम लोगों से फर्जीवाड़ा कर धन निवेश कराया गया है और मांगने पर पैसा नहीं दिया जा रहा है। इस कंपनी को कई स्थानीय पुलिस अफसरों तथा बाहुबलियों को समर्थन है, जिसके कारण ये लोग निवेशकों को डरा-धमका कर रखते हैं और कई बार अपने गुंडों से मारपीट भी करवाते हैं। विडियो में विकास सिंह व रितु सिंह द्वारा एक व्यक्ति को खुलेआम धमकी तथा पिटाई दिख रही है। ये उनकी कंपनी पर सीबीआई का केस होने तथा एक व्यक्ति के शाइन सिटी छोड़ कर उनकी कंपनी में आने के बाद कुछ ही सालों में कई करोड़ की कोठी बनाने की बात भी कह रहे हैं। अमिताभ तथा नूतन ने कहा कि इस कंपनी द्वारा फर्जीवाड़े, वित्तीय गड़बड़ी के तथ्य उजागर हो रहे हैं पर निवेश करने वाले लोग इस कंपनी के लोगों से बहुत डरे हुए हैं कि ये लोग गुंडागर्दी करते हैं तथा लोगों को ऑफिस में बुला कर मारते हैं। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्यवाही की मांग किया है।

वैसे मामला थोडा बड़ा गंभीर प्रकृति का समझ में आ रहा है। इस वीडियो में शाइन सिटी का नाम भाई आ रहा है। आपको बताते चले कि शाइन सिटी राशिद नसीम की संस्था थी जिसने करोडो नही बल्कि अरबो का घोटाला किया और राशिद नसीम यह कहते हुवे फरार हो गया कि “ला गुरु हम भाग गईली।” हकीकत तो ये है कि शाइन सिटी का अब तक जो घोटाला सामने आया है वह बहुत कम सामने आया है। अभी प्रशासन ने उस घोटाले पर ध्यान ही नही दिया है जिसमे लोगो से दस बीस हज़ार से लेकर लाख दो लाख तक गाडी देने के नाम पर लिया गया और पैसा सच मायने में गडामु हो गवा। ई शिकायत तो पुलिस तक पहुची ही नहीं है।

हमने इस सम्बन्ध में जब ये गोरखधंधा चल रहा था तो खबर लिखा था। जमकर स्टोरी किया और इसकी देंन हुई कि लूट खसोट बंद हो गई। 12 लाख की गाडी महज़ 4 लाख में राशिद नसीम दे रहे थे उस समय। एक्टिव जैसी गाडी महज़ 35 हज़ार की दे रहे थे। सबका पईसा बटोर कर राशिद नसीम फुर्र हो गया आखिर में। मिल गई लोग को गाडी और मोटर। हमार कक्का कहते है कि लालच बुरी बला है। केहू मन्व्बे न करेला हम का करी।

बड़ा खुलासा भी जान ले साहब

इसमें एक बड़का खुलासा हम भी कर देते है। शायद लोगो की नज़र वहा तक नही गई है। राशिद नसीम रोज़ सुबह “गुड मोरअर्निंग” कहकर अपनी वौइस् क्लिप भेजता था। जब हमने उसके खिलाफ खबर चलाया था तो राशिद नसीम ने उसके दुसरे दिन सुबह एक “वौइस् क्लिप अपने चेला चापडो को भेज कर कहा था कि “गुड मोर अर्निंग, जो चैनल खबर चला रहा है जब चाह जायेगा उसको खरीद लिया जायेगा, आप लोग इस पर ध्यान न दे अपना काम करे।” राशिद नसीम हमको तो न खरीद पाए मगर देश छोड़ कर खुद्दे भाग गये। ऊ वौइस् क्लिप उस समय शाइन सिटी में काम करने वाले मेरे एक सूत्र ने मुझको सुनाया था। मगर जाते जाते अपने चेला और चेलियो को फर्जीगिरी सिखा कर चला गया है।

मौजूदा हाल में उसके चेला लोग आज भी फर्जीगिरी का कारोबार चालु रखे है। एक गो मैडम है मंडुआडीह के तरफ रहती है। पहले राशिद नसीम के कारोबार में बड़ा पद और ऊँची कुर्सी उनके पास थी। कभी स्थिति ऐसी थी कि वह गरीब रही। अब काफी अमीर हो गई है। कई देश घूम चुकी है। मैडम के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार मैडम ने राशिद नसीम से गुरुज्ञान लेकर अपना कारोबार लोगो को टोपी पहनाने का शुरू कर दिया है। टोपी भी गजब की पहना रही है। इतना जमा करो इतना मिलेगा। उतना जमा करो उतना मिलेगा।

बस आप जमा तो करो किसी तरह से। जब सब जमा हो जायेगा तो हम फुर्र ही जायेगे। वैसे भी मईडम ने ऐसे लोगो को टारगेट कर रखा है जो थाने चौकी को देख कर बाहर से ही तीन बार सलाम करके निकल लेते है। तो पुलिस केस होने का सवाल नही उठता है। उसके बाद खुद का चेला एक पतलकाल छाब को बना रखा है। पतलकाल छाब के सम्बन्ध में सूत्र ने बताया कि उन्होंने 3 लाख पहले ही चुना लगा दिया है। खबर वबर से लेना देना नही बस गाडी पर प्रेस लिख कर काम चल जाता है। पतल्काल छाब किस अख़बार अथवा डिजिटल मीडिया अथवा प्रिंट मीडिया अथवा इलेक्ट्रानिक मीडिया के है ये जब पतल्काल छाब को पता चलेगा तो वो हमसे बता देंगे तो हम आपसे बता देंगे। आप हमारी बतिया पर हस्ते रहते है। बात हम सही कह रहे है। उन्हें खुदे नही पता है कि ऊ कहा के पतल्काल है तो हम कहा से बता देंगे।

इस सिंडिकेट का अन्य खुलासा हम जल्द ही करेगे। जुड़े रहे हमारे साथ और पढ़ते रहे “तारिक आज़मी की मोरबातियाँ”, भले आपको उसे पढने के लिए जलाना पड़े मोमबत्तियाँ बस जुड़े रहे हमारे साथ और ऐसी ही हस्ते रहे। राम-राम, दुआ सलाम….

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