महंत नरेन्द्र गिरी आत्महत्या प्रकरण : पुलिस ने शिष्य आनन्द गिरी पर दर्ज किया मुकदमा, जाने घटना से जुड़े अब तक के लेटेस्ट अपडेट

तारिक खान/ ए जावेद

प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत नरेंद्र गिरि ने अपने मठ बाघंबरी गद्दी में सोमवार की शाम कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने खुदकुशी की है। बंद कमरे के अंदर उनका शव फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस को एक सुसाइट नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें शिष्य आनंद गिरि समेत कुछ लोगों की हरकतों से तंग आकर आत्महत्या करने की बात लिखी गई है।

मिले समाचारों के अनुसार पुलिस ने अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के अलावा लेते हनुमान मन्दिर के महंत अद्या तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी का भी नाम शामिल हैं, जिनका जिक्र सुसाइड नोट में किया गया है। जानकारी के मुताबिक, शिष्य आनंद गिरि पर प्रयागराज में नरेंद्र गिरि को सुसाइड के लिए मजबूर करने का केस दर्ज हो गया है। मगर इस ऍफ़आईआर में अध्या तिवारी और संदीप तिवारी का नाम नही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने नरेंद्र गिरि के निधन पर दुख जताया है।

इस दरमियान आज मीडिया से रूबरू होकर सीएम योगी अदित्यनाथ ने कहा कि प्रकरण में दोषी बच नहीं पाएगा। इस संवेदनशील प्रकरण में अनावश्यक बयानबाजी करने से लोग बचे। उन्होंने कहा कि एडीजी जोन, आईजी रेंज, डीआईजी के नेतृत्व में मॉनिटरिंग हो रही है। जांच एजेंसियों व पुलिस के अधिकारियों को कार्रवाई करने दें। प्रकरण में जल्द ही पर्दाफाश होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कल पोस्मार्टम होगा और कल समाधि दी जायेगी।

प्रकरण में पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पुलिस को आश्रम से फोन आया था। जब पुलिस वहा पहुची तो शव जमीन पर रखा था। पंखे में रस्सी लटक रही थी। नरेंद्र गिरि की मौत हो चुकी थी। पुलिस को मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस को एक सुसाइट नोट भी मिला है। जिसमे शिष्य आनंद गिरि का जिक्र है। अधिकारी ने कहा कि हमें बताया गया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाने पर जब नहीं खुला तो शिष्यों ने कमरे का गेट तोड़ दिया। शव पंखे से लटक रहा था। प्रयागराज पुलिस ने मठ के आद्या तिवारी और सन्दीप तिवारी को डिटेन किया है। उत्तराखंड से आनंद गिरि को हिरासत में लिया गया है। बता रहे हैं कि इनका नाम सुसाइड नोट में लिखा था कि इनके क्रियाकलापों से नरेंद्र गिरि बहुत परेशान थे। बाकी और भी नाम हैं, जिनके बारे में पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है।

शिष्य आनंद गिरि पर प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरि को सुसाइड के लिए मजबूर करने का केस दर्ज हो गया। आनंद गिरि को कल हिरासत में लिया गया था और आज खुदकुशी के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ है। पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज) के0पी0 सिंह ने बताया कि शाम को पुलिस के पास फोन आया कि महाराज जी (महंत नरेंद्र गिरि) पंखे पर फांसी के फंदे पर लटक गए हैं। महंत के शिष्यों के मुताबिक, घटना के समय दरवाजा भीतर से बंद था और उन्होंने दरवाजा तोड़कर उन्हें फंदे से उतारकर जमीन पर लिटाया। सिंह ने बताया कि पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो महंत की मृत्यु हो चुकी थी। घटनास्थल से सात-आठ पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महंत ने अपने आश्रम के बारे में क्या करना है।। एक तरह से वसीयतनामा लिखा है।

पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि सुसाइड नोट में महंत ने लिखा है कि वह अपने एक शिष्य से दुखी थे। उन्होंने बताया कि महंत ने अपने सुसाइड नोट में इस कठोर कदम के पीछे कई कारण लिखे हैं और कई मार्मिक बातें लिखी हैं। महंत ने अपने पत्र में समाधि बनाए जाने का भी जिक्र किया है, जिस पर अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी निर्णय करेंगे। फॉरेंसिक टीम सुसाइड नोट की जांच कर रही है और महंत के शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु पर दुख जताया है। वही आम आदमी पार्टी ने नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। आप के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।

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