कानपुर : जमानत पर जेल से छूटे हत्यारोपी की रिश्तेदार के छत पर सोते समय हुई धारदार हथियार से हत्या, शरीर पर मिले एक दर्जन घाव

आदिल अहमद/मो0 कुमैल

कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट के कुलीबाजार क्षेत्र निवासी हत्यारोपी बशर (25) की बीती रात रिश्तेदार की छत पर सोते समय हत्या कर दी गई है। मृतक पर हत्या का आरोप था और लगभग 8 माह पहले ही वह जेल से ज़मानत पर छुट कर बाहर आया था। घटना की जानकारी परिजनों को सुबह होने पर हुई। मृतक की माँ के तहरीर पर अनवरगंज पुलिस ने पांच नामज़द आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार कुरियाना मोहल्ला निवासी बशर (25) पेशे से कसाई है और खुद का तांगा भी चलाता है। उसके कुल तीन और भाई बउवे, महफूज व हसीन राजा है, बशर भाइयो में सबसे बड़ा था। पड़ोस में रहने वाले उसके रिश्तेदार मुन्ना कंपट के भाई जुबैर की वर्ष 2018 दिसंबर में हत्या हुई थी। हत्या के आरोप में बशर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और वह जेल में था। अभी 8 माह पहले ही वह ज़मानत पर जेल से बाहर आया था। मां मीना के द्वारा दिली शिकायत को आधार माने तो ने रविवार को बशर छत पर सो रहा था। सुबह बशर का छोटा भाई महफूज उसे उठाने गया तो बशर का खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़ा मिला। बशर के चेहरे पर हथियार से कई वार किए गए थे। मृतक बशर की माँ का आरोप है कि मुन्ना कंपट ने भांजे शादाब, रईस हजारा, छोटे भाई उजैर व उजहर के साथ मिलकर हत्या का बदला लेने के लिए उसे मार डाला।

पुलिस ने शादाब व उजैर को हिरासत में लिया है। बशर की बेवा चाची रानी अपने 12 साल के बेटे व 10 वर्षीय जुड़वां बेटियों संग रहती हैं। उनके पति गुलजार की मौत हो चुकी है। बशर उन्हीं के कमरे के पास जमीन पर सोता था। आरोपियों ने बशर पर ताबड़तोड़ चापड़ से हमला कर मौत के घाट उतार दिया लेकिन रानी को उसकी खबर तक नहीं लगी। पुलिस को आशंका है कि हत्यारों ने उसका मुंह दबाकर मौत के घाट उतारा होगा। बशर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके सिर व चेहरे पर भारी, धारदार हथियार से एक दर्जन वार की पुष्टि हुई है। हमले के बाद वह कोमा में चला गया और मौत हो गई। फिलहाल पुलिस तीन अन्य नामज़द आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जाँच में जुट गई है।



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