बागपत में खाप का ‘फरमान’: बच्चों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक, हाफ पैंट को भी बताया असामाजिक; ग्रामीणों ने उठाए सवाल

आदिल अहमद
बागपत (यूपी): उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के पट्टी मेहर क्षेत्र में एक खाप पंचायत के फैसले ने नई बहस छेड़ दी है। खाप प्रतिनिधियों ने समाज में बढ़ती ‘कुरीतियों’ और पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव को रोकने के लिए बच्चों के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने और हाफ पैंट पहनने पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है।

- निर्णय: बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखा जाएगा। यदि बहुत जरूरी हो, तो उन्हें केवल ‘साधारण कीपैड फोन’ ही दिया जाए।
- पहनावा: पंचायत ने हाफ पैंट जैसे कपड़ों को असामाजिक बताते हुए उन पर भी पाबंदी लगाने की बात कही है।
“तानाशाही नहीं, संस्कार है”: खाप का तर्क खाप नेताओं का कहना है कि यह कोई तानाशाही आदेश नहीं है, बल्कि एक ‘समाज सुधार’ की मुहिम है। उन्होंने कहा कि वे माता-पिता को जागरूक करेंगे और बच्चों को संस्कारों की शिक्षा देंगे। खाप ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए खुद से इन नियमों को लागू करें।
जनता का विरोध: “मोबाइल पढ़ाई का साधन, पाबंदी समाधान नहीं” खाप के इस फैसले पर स्थानीय निवासियों और युवाओं ने कड़ा विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि:
- शिक्षा पर असर: आज के दौर में बच्चों की पढ़ाई, ऑनलाइन क्लास और होमवर्क काफी हद तक मोबाइल पर निर्भर है। स्मार्टफोन छीनना उनकी शिक्षा को पीछे धकेलना होगा।
- सही उपयोग की जरूरत: ग्रामीणों का तर्क है कि पाबंदी लगाने के बजाय बच्चों को मोबाइल के सही और सीमित उपयोग की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
- कानूनी सवाल: कई लोगों ने खाप पंचायतों के ऐसे आदेशों को संविधान के खिलाफ और गैर-कानूनी बताते हुए प्रशासन से इन पर रोक लगाने की मांग की है।











