मेसी इवेंट पर सियासी वार! सुधांशु त्रिवेदी ने ममता सरकार को घेरा, बोले- ‘बंगाल की अव्यवस्था से हर भारतीय का सिर शर्म से झुका’

आफताब फारुकी
PNN24 न्यूज़, नई दिल्ली। कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के बाद हुई अव्यवस्था और तोड़फोड़ पर अब राजनीति गरमा गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा निशाना साधा है।
‘पूरे देश का सिर शर्म से झुका’
सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मेसी के इवेंट में हुई बदइंतजामी उसका जीता जागता प्रमाण है।
- शर्मिंदगी का भाव: उन्होंने कहा, “फ़ुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में सॉल्ट लेक स्टेडियम में जिस प्रकार की अव्यवस्था, भगदड़ हुई, उससे सिर्फ़ कोलकाता नहीं, पश्चिम बंगाल नहीं, हर भारतीय का सिर शर्म से झुक गया।”
- शासन पर आरोप: उन्होंने ममता बनर्जी के ट्वीट (जिसमें मुख्यमंत्री ने दुख जताया था) पर पलटवार करते हुए कहा, “मैं यह साफ़ करना चाहता हूं कि यह पश्चिम बंगाल है जो आपके शासन में बुरी तरह तबाह हो गया है। आपके शासनकाल में पश्चिम बंगाल जिस दुखद और दर्दनाक स्थिति की तरफ़ पहुंच गया है, ये घटना उसका प्रमाण है।”
विपक्ष शासित राज्यों पर भी निशाना
बीजेपी प्रवक्ता ने सिर्फ ममता बनर्जी सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष पर भी लचर कानून-व्यवस्था का आरोप लगाते हुए हमला बोला।
- विपक्ष पर सवाल: उन्होंने कहा, “मैं विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि इस तरह के आयोजनों में ऐसी अव्यवस्था आपके राज्यों में क्यों होती है।”
- अन्य घटनाओं का ज़िक्र: उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 4 जून 2025 को बेंगलुरु में आईपीएल के बाद और 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर ज़िले में भी ऐसी ही अराजकता और अव्यवस्था हुई थी, जो इन राज्यों में ‘कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति’ को दर्शाती है।
ममता बनर्जी ने मांगी माफ़ी
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्टेडियम में फैली ‘अव्यवस्था’ पर दुख व्यक्त किया और सार्वजनिक तौर पर माफ़ी भी मांगी है।
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सीएम का बयान: उन्होंने एक्स पर लिखा, “सॉल्ट लेक स्टेडियम में अव्यवस्था को देखकर मैं हैरान हूं। मैं हज़ारों खेल प्रेमियों और प्रशंसकों के साथ उस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्टेडियम जा रही थी…”
हालांकि, पुलिस ने हंगामे के तुरंत बाद मुख्य आयोजक को गिरफ्तार कर लिया है और हालात को सामान्य बताया है। लेकिन बीजेपी ने इस घटना को राज्य सरकार के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है।











