मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग: पत्नी से मिलने गए मैतेई युवक की चुराचांदपुर में हत्या; वायरल वीडियो में रहम की भीख मांगता दिखा युवक

मो0 सलीम
इंफाल/चुराचांदपुर: मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बीच एक और भयावह घटना सामने आई है। चुराचांदपुर जिले में 38 वर्षीय मैतेई युवक मयांगलमबम रिशिकांता सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। रिशिकांता, जो ककचिंग खुनोउ के निवासी थे, कथित तौर पर अपनी पत्नी (जो कुकी समुदाय से हैं) से मिलने चुराचांदपुर गए थे। इस घटना ने राज्य में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है।

सहमति के बावजूद हुई हत्या? मैतेई संगठनों का दावा है कि रिशिकांता सिंह को स्थानीय स्तर पर आपसी सहमति के बाद ही चुराचांदपुर जाने की अनुमति मिली थी। गौरतलब है कि मई 2023 से जारी हिंसा के कारण मणिपुर में समुदायों के बीच ‘बफर जोन’ बने हुए हैं और एक-दूसरे के इलाकों में जाना जानलेवा साबित हो रहा है।
ककचिंग खुनोउ में प्रदर्शन और NIA की मांग: इस हत्या के विरोध में 22 जनवरी को रिशिकांता के पैतृक क्षेत्र ककचिंग खुनोउ में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों ने एक संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) का गठन किया है और धरने पर बैठ गए हैं। समिति की प्रमुख मांगें हैं:
- हत्यारों की तुरंत पहचान कर उन्हें कठोर सजा दी जाए।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंपी जाए।
- सरकार भविष्य में ‘बफर जोन’ के उल्लंघन और ऐसी हत्याओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
कुकी संगठनों की सफाई: दूसरी ओर, कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) ने एक बयान जारी कर इस घटना में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। KNO ने स्पष्ट किया कि रिशिकांता की आवाजाही या उनकी हत्या से उनके संगठन का कोई लेना-देना नहीं है।
पृष्ठभूमि: मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष जारी है। अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। रिशिकांता की हत्या ने शांति बहाली की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है।










