खाकी बनाम खाकी: हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को किया नजरबंद; अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी नियमों के उल्लंघन का आरोप

हिमाचल बनाम दिल्ली पुलिस: शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बवाल! हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को लिया हिरासत में। सीएम सुक्खू ने 'मिडनाइट रेड' को बताया असंवैधानिक।

तारिक खान

शिमला/दिल्ली (PNN24 News): दिल्ली के भारत मंडपम में हुए ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के विरोध प्रदर्शन की गूंज अब दो राज्यों की पुलिस के बीच टकराव में बदल गई है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सोलन जिले में दिल्ली पुलिस की टीम को रोककर उनके करीब 20 जवानों को हिरासत में ले लिया है। मामला युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिसे लेकर संवैधानिक मर्यादाओं पर सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा विवाद? दिल्ली पुलिस की एक टीम 20 फरवरी को भारत मंडपम में ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन करने वाले तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए शिमला के रोहड़ू पहुंची थी। हिमाचल पुलिस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने इस अंतर-राज्यीय गिरफ्तारी (Inter-State Arrest) के लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और स्थानीय पुलिस को कोई पूर्व सूचना नहीं दी।

सीएम सुक्खू का आरोप: “मेरे सामने हुई मिडनाइट रेड” हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मंगलवार को कहा:

“दिल्ली पुलिस ने हिमाचल सदन में आधी रात को छापेमारी की। मैं खुद वहां मौजूद था। हमारे रेजिडेंट कमिश्नर को भी इसकी भनक नहीं लगने दी गई। बिना वारंट और बिना सूचना के की गई यह कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक है।”

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि यह पूरा मामला 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ से शुरू हुआ था। वहां इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया था और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस मामले में अब तक युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित 8 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कानूनी पेच: क्यों हुई कार्रवाई? सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए जाती है, तो उसे स्थानीय पुलिस स्टेशन में ‘डायलॉग’ करना और रोजनामचा (Daily Diary) में प्रविष्टि कराना अनिवार्य होता है। हिमाचल पुलिस का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने इन नियमों को ताक पर रखकर कार्रवाई की, जिसके कारण उनके जवानों को सोलन में रोककर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

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