बंगाल चुनाव से पहले बड़ा धमाका: राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा; आरएन रवि संभालेंगे कमान, ममता बनर्जी बोलीं— “अमित शाह ने मुझ पर थोपा फैसला”

बड़ी खबर: बंगाल चुनाव से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा। आरएन रवि होंगे नए राज्यपाल। ममता बनर्जी ने गृह मंत्री पर लगाया 'एकतरफा फैसले' का आरोप। "दबाव में लिया गया इस्तीफा"— ममता का बड़ा हमला।

तारिक खान 

दिल्ली (PNN24 News): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के बीच राज्य में बड़ा संवैधानिक संकट और सियासी घमासान छिड़ गया है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेज दिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने आरएन रवि (तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल) को बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त करने का संकेत दिया है, जिस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा ऐतराज जताया है।

1. “पर्याप्त समय बिता चुका हूं”: सीवी आनंद बोस

इस्तीफा देने के बाद बोस ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने राज्यपाल के ऑफिस में पर्याप्त समय बिताया है।” हालांकि, उनके इस अचानक फैसले के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

2. ममता बनर्जी का ‘एक्स’ पर विस्फोट: अमित शाह को घेरा

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार करने का आरोप लगाया।

  • इस्तीफे पर संदेह: ममता ने आशंका जताई कि गृह मंत्री अमित शाह ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्यपाल पर इस्तीफे का दबाव डाला होगा।
  • परामर्श की अनदेखी: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गृह मंत्री ने उन्हें केवल ‘सूचित’ किया कि आरएन रवि नए राज्यपाल होंगे, जबकि स्थापित परंपरा के अनुसार इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से सलाह लेनी अनिवार्य है।

3. आरएन रवि की नियुक्ति: टकराव की नई ज़मीन?

आरएन रवि को बंगाल का राज्यपाल बनाया जाना ममता सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

  • इतिहास: आरएन रवि का तमिलनाडु सरकार (एमके स्टालिन) के साथ लंबा टकराव रहा है।
  • बंगाल का संदर्भ: चुनावी साल में आरएन रवि जैसे सख्त प्रशासक की नियुक्ति से राजभवन और नबान्न (सचिवालय) के बीच खींचतान और बढ़ने के आसार हैं।

4. विधानसभा चुनाव 2026 पर असर

पश्चिम बंगाल में इसी साल चुनाव होने हैं। ऐसे समय में राज्यपाल का बदलना और नए राज्यपाल की नियुक्ति पर विवाद होना चुनाव की निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े करता है। बीजेपी इसे ‘संवैधानिक प्रक्रिया’ बता रही है, जबकि टीएमसी इसे ‘बंगाल को अस्थिर करने की साजिश’ करार दे रही है।

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