‘मथुरा हिंसा: कोहरे का कहर या साजिश?’; ‘बाहरी’ उपद्रवियों ने फूंका था मथुरा, एसएसपी बोले— “अफवाह फैलाने वाला कथित हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी सहित 13 सलाखों के पीछे”, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
मथुरा: 'फरसा वाले बाबा' की मौत का सच—घने कोहरे में हुआ था हादसा, ट्रक ड्राइवर की भी मौत। पुलिस का बड़ा खुलासा—हिंसा करने वाले ज्यादातर 'बाहरी'। हिंदू रक्षा दल का कथित हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी समेत 13 गिरफ्तार। सीएम योगी ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फारुकी
मथुरा (PNN24 News): कोसीकलां के नवीपुर में गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद भड़की हिंसा मामले में मथुरा पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार के अनुसार, शनिवार को हुई यह हिंसा स्वतःस्फूर्त नहीं बल्कि ‘बाहरी तत्वों’ द्वारा फैलाई गई अफवाहों का परिणाम थी। इस मामले में गाजियाबाद के कथित हिंदूवादी नेता और हिंदू रक्षा दल के नेता दक्ष चौधरी समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
1. कोहरे ने ली ‘बाबा’ और ‘ड्राइवर’ दोनों की जान
प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे प्रदर्शनकारियों के दावों से अलग हैं:
- दृश्यता की कमी: शनिवार तड़के करीब 4 बजे घना कोहरा था। कम विजिबिलिटी के कारण बाबा की बाइक और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हुई।
- ट्रक चालक की मौत: इस हादसे में केवल बाबा ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अलवर से तार लेकर आ रहे ट्रक का चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
- पीछा करने का दावा: बाबा कथित तौर पर गोतस्करों का पीछा कर रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ।
2. ‘बाहरी’ उपद्रवियों ने बिगाड़ा माहौल
एसएसपी श्लोक कुमार ने रविवार को स्पष्ट किया कि एनएच-19 (दिल्ली-आगरा हाईवे) पर जाम लगाने, पत्थरबाजी करने और पुलिस वाहनों को फूंकने वाले ज्यादातर लोग मथुरा के नहीं बल्कि बाहर के जिलों से आए थे।
- दक्ष चौधरी की भूमिका: गाजियाबाद से आए दक्ष चौधरी और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो डालकर लोगों को भड़काया और पुलिस के काम में बाधा डाली।
- पुलिस पर हमला: भीड़ ने न केवल यातायात ठप किया, बल्कि पुलिसकर्मियों को भी घायल किया।
3. सीएम योगी का कड़ा रुख: “अपराधी बख्शे न जाएं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरी घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है:
- कठोर कार्रवाई: सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घटना के पीछे के असली मास्टरमाइंड और अपराधियों को चिह्नित कर जेल भेजा जाए।
- संवेदना: मुख्यमंत्री ने ‘फरसा वाले बाबा’ के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है।
मथुरा बवाल- 13 उपद्रवी गिरफ्तार। 22 नामजद सहित 250–300 अज्ञात उपद्रवियों पर गंभीर धाराओं में FIR हुई। अफवाह फैलाने में दक्ष चौधरी और उसके 3 साथी भी पकड़े गए।
पुलिस को स्पॉट से तमंचे के 7 खाली बुलेट मिले हैं, यानि उपद्रवियों ने पुलिस पर फायरिंग भी की थी।
— Gaurav Pandey (@gaurav5pandey) March 22, 2026
4. सीसीटीवी से हो रही पहचान
मथुरा पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो की मदद से उन ‘असामाजिक तत्वों’ की पहचान कर रही है जिन्होंने पत्थरबाजी की थी। कोसीकलां और छाता क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
📊 मथुरा कांड: मुख्य तथ्य (Key Facts)
| विवरण | जानकारी |
| हादसे का समय | शनिवार तड़के, सुबह 4 बजे |
| प्राथमिक कारण | घना कोहरा और शून्य दृश्यता |
| मृतक | संत चंद्रशेखर (फरसा बाबा) और ट्रक चालक (अलवर निवासी) |
| गिरफ्तारियां | 13 लोग (दक्ष चौधरी सहित) |
| पुलिस की थ्योरी | बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा प्रायोजित हिंसा |
| सीएम के निर्देश | अपराधियों को किसी भी हाल में न बख्शने का आदेश |
📌
ब्रज में गौरक्षा का प्रमुख चेहरा रहे ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत निस्संदेह पीड़ादायक है, लेकिन दुख की इस घड़ी को ‘राजनीतिक अवसर’ में बदलकर दक्ष चौधरी जैसे विवादित लोगो द्वारा हिंसा भड़काना निंदनीय है। बाहरी जिलों से आकर मथुरा की शांति भंग करने वाले तत्वों पर पुलिस की यह कार्रवाई स्वागत योग्य है।














