‘महायुद्ध के मुहाने पर दुनिया’: ईरान ने खाड़ी देशों पर बरसाईं मिसाइलें; लेबनान में बमबारी से हाहाकार और वैश्विक बाज़ारों में मची भगदड़

खाड़ी में 'कयामत की रात': ईरान का सऊदी, यूएई, कुवैत और कतर पर भीषण मिसाइल हमला। बेरूत में हिज़्बुल्लाह के 'गुप्त बैंक' पर इज़राइली स्ट्राइक। ट्रंप का 'जीत' का दावा और नेतन्याहू की खुली धमकी। दुनिया में तेल संकट और वित्तीय संस्थानों की तालाबंदी। PNN24 की महा-रिपोर्ट।

ईदुल अमीन 

PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब एक पूर्ण विकसित ‘महायुद्ध’ का रूप ले चुका है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी के लगभग हर प्रमुख देश—सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर—को ईरान की ओर से भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा है। इस बीच, राजनीतिक मोर्चे पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है।

1. खाड़ी देशों पर ‘आसमान से आफत’

ईरान ने अपने पड़ोसियों पर दबाव बनाने के लिए हमलों की नई लहर शुरू की है:

  • यूएई (UAE): आज 10 बैलिस्टिक मिसाइलों और 26 ड्रोनों का सामना किया। अब तक कुल 278 मिसाइलें और 1,540 ड्रोन रोके जा चुके हैं। ताज़ा हमलों में 6 विदेशी नागरिकों (पाकिस्तानी, नेपाली, बांग्लादेशी) की मौत हुई है।
  • सऊदी अरब: शायबाह तेल क्षेत्र और अल-खारज प्रांत को निशाना बनाया गया। रक्षा बलों ने कई मिसाइलों को नष्ट किया।
  • कुवैत और कतर: दोनों देशों की सेनाओं ने ‘शत्रुतापूर्ण हमलों’ को रोकने के लिए अपनी एयर डिफेंस प्रणालियाँ सक्रिय कर दी हैं। पूरे क्षेत्र में धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं।

2. बेरूत: हिज़्बुल्लाह के ‘तिजोरी’ पर हमला

इज़राइल ने बेरूत के मध्य में स्थित ‘अल-क़र्ज़ अल-हसन’ (हिज़्बुल्लाह का गुप्त बैंक) की शाखा को निशाना बनाया।

  • दावा: इज़राइल का कहना है कि इस इमारत के तहखाने में लाखों डॉलर रखे थे, जिसका इस्तेमाल युद्ध के लिए किया जाना था।
  • तबाही: दक्षिणी उपनगरों से लगभग 8 लाख लोग पलायन कर चुके हैं। लेबनान के पीएम नवाफ सलाम ने कहा, “हम लेबनान को दूसरों के युद्ध का अखाड़ा नहीं बनने देंगे।”

3. ट्रंप और नेतन्याहू का कड़ा रुख

  • डोनाल्ड ट्रंप: ट्रंप ने मोजतबा ख़ामेनेई को “कमज़ोर नेता” बताया। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने से अमेरिका को मुनाफा हो रहा है, लेकिन प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
  • बेंजामिन नेतन्याहू: पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “ईरान अब पहले जैसा नहीं रहा।” उन्होंने मोजतबा ख़ामेनेई और नईम कासिम को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इन नेताओं का कोई “जीवन बीमा” नहीं करवाएंगे।

4. वैश्विक आर्थिक संकट: बैंकों और कंपनियों की तालाबंदी

ईरान की धमकियों के बाद खाड़ी देशों में वित्तीय हड़कंप मच गया है:

  • बैंकिंग: HSBC, सिटीबैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने अपना परिचालन निलंबित कर दिया है।
  • परामर्श (Consulting): दिग्गज फर्में PwC और डेलॉइट ने सऊदी, कुवैत और यूएई में अपने दफ्तर बंद कर दिए हैं।
  • तेल उत्पादन: फ्रांस की कंपनी टोटल एनर्जीज ने कतर, इराक और यूएई में उत्पादन बंद करने की घोषणा की है, जिससे उसके वैश्विक उत्पादन में 15% की कमी आएगी।

5. होर्मुज़ में ‘पहरेदारी’ और राहत

ईरान ने कुछ देशों के जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है, लेकिन शर्त रखी है कि हमलावर देशों को यह सुविधा नहीं मिलेगी। वहीं, आईईए (IEA) सदस्य देश कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने पर सहमत हुए हैं।

ईरान अब खाड़ी देशों पर सीधा दबाव बना रहा है ताकि वे अपनी धरती पर स्थित अमेरिकी अड्डों को बंद करें। यह रणनीति वैश्विक अर्थव्यवस्था को ‘सप्लाई चेन’ और ‘वित्तीय तालाबंदी’ के ज़रिए घुटनों पर लाने की कोशिश है।

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