‘मैंने ही इज़राइल को उकसाया’: ट्रंप का सनसनीखेज दावा; अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को नकारा, बोले— “ईरान हम पर हमला करने वाला था”

"शायद मैंने ही इज़राइल को मजबूर किया"— ट्रंप का बड़ा बयान। खुफिया एजेंसियों की चेतावनी को दरकिनार कर ईरान पर हमले का फैसला। मार्को रुबियो ने बताया क्यों जरूरी था 'प्री-एम्प्टिव' स्ट्राइक। व्हाइट हाउस में सियासी हलचल।

आदिल अहमद 

PNN24 News: व्हाइट हाउस में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया के राजनयिक गलियारों में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान पर शनिवार को हुए हमले के पीछे इज़राइल से ज़्यादा उनकी अपनी रणनीति और दबाव था।

1. “शायद मैंने ही उन्हें मजबूर किया”

जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या इज़राइल ने अमेरिका को इस युद्ध में घसीटा है, तो ट्रंप ने पलटवार करते हुए कहा:

“नहीं, इज़राइल ने मुझे मजबूर नहीं किया। वास्तव में, शायद मैंने ही उन्हें (इज़राइल को) ईरान पर हमला करने के लिए मजबूर किया होगा।”

ट्रंप का यह बयान उन अटकलों को खारिज करता है कि अमेरिका केवल इज़राइल के बचाव में उतरा है। इसके बजाय, यह ‘ट्रंप डॉक्ट्रिन’ के तहत ईरान में शासन परिवर्तन (Regime Change) की एक सोची-समझी योजना की ओर इशारा करता है।

2. इंटेलिजेंस एजेंसियों से टकराव

ट्रंप ने एक बार फिर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (CIA और अन्य) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

  • खुफिया रिपोर्ट: एजेंसियों ने कहा था कि ईरान से कोई “तत्काल खतरा” नहीं है।

  • ट्रंप का तर्क: राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले सप्ताह जिनेवा में चल रही बातचीत के दौरान उन्हें यकीन हो गया था कि ईरान “पागलपन” पर उतर आया है और अमेरिका पर बड़ा हमला करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा, “मैं उनके हमले का इंतज़ार नहीं कर सकता था।”

3. मार्को रुबियो की ‘प्री-एम्प्टिव’ थ्योरी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप के फैसले का बचाव करते हुए एक अलग कूटनीतिक पहलू सामने रखा। रुबियो के अनुसार:

  • अमेरिका को पता था कि इज़राइल हर हाल में ईरान पर बमबारी करने वाला है।

  • प्रशासन का मानना था कि इज़राइली हमले के बाद ईरान निश्चित रूप से क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता।

  • इसलिए, अमेरिकी सैनिकों की जान बचाने के लिए अमेरिका ने इज़राइल के साथ मिलकर ‘प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक’ (पहले ही हमला कर देना) का फैसला किया।

4. ‘डेथ वारंट’: ट्रंप का दावा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके हमलों में ईरान के उन सभी संभावित नेताओं की मौत हो चुकी है जिन्हें अमेरिका भविष्य के नेतृत्व के रूप में देख रहा था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “जिन लोगों को हमने दिमाग में रखा था, वे अब मर चुके हैं। अब हमारे पास दूसरा समूह है, शायद वे भी जल्द ही नहीं रहेंगे।”


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