‘यूपी एसटीएफ का बड़ा धमाका: सीबीएसई भर्ती परीक्षा में फर्जी “दिव्यांग” बनकर सेंधमारी करने वाला गिरोह गिरफ्तार; 9 आरोपी दबोचे, लाखों की नगदी और कूट रचित दस्तावेज बरामद’
बड़ा खुलासा: यूपी एसटीएफ (STF) ने सीबीएसई की EMRS जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। फर्जी PwD सर्टिफिकेट के आधार पर सॉल्वर बैठाने वाले सरगना समेत 9 गिरफ्तार। लखनऊ और झांसी से जुड़े हैं तार। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
लखनऊ (PNN24 News): उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता भंग करने वाले माफियाओं पर बड़ी स्ट्राइक की है। एसटीएफ ने सीबीएसई (CBSE) द्वारा आयोजित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) भर्ती परीक्षा (टियर-2) में फर्जी तरीके से सॉल्वर बैठाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। लखनऊ के विकासनगर स्थित परीक्षा केंद्र से गिरोह के सरगना मनीष मिश्रा सहित कुल 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
1. फर्जी ‘दिव्यांग’ सर्टिफिकेट का खेल
एसटीएफ की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह स्वस्थ अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से Persons with Disabilities (PwD) यानी दिव्यांग घोषित कर देता था। इसके लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार किए जाते थे। दिव्यांग श्रेणी का लाभ उठाकर ये आरोपी परीक्षा में ‘श्रुत लेखक’ (Scribe) के रूप में पेशेवर सॉल्वरों को बैठाते थे, जो अभ्यर्थी के बदले पेपर हल करते थे।
2. गिरफ्तारी और बरामदगी
एसटीएफ मुख्यालय की टीम ने सूचना के आधार पर लखनऊ के सेंट्रल एकेडमी परीक्षा केंद्र और गोरखपुर से दबिश देकर इन आरोपियों को दबोचा। इनके पास से भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है:
- नगदी: 2,70,475 रुपये।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 13 मोबाइल फोन, 02 लैपटॉप।
- दस्तावेज: 06 कूट रचित (फर्जी) PwD प्रमाण पत्र।
- वाहन: एक स्विफ्ट डिजायर कार।
3. गिरोह का मास्टरमाइंड और मोडस ऑपेरेंडी
गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा (निवासी झांसी) है। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह बेरोजगार युवाओं और उनके अभिभावकों को नौकरी का लालच देकर मोटी रकम वसूलता था। गिरोह झांसी, जालौन और दिल्ली के इलाकों में सक्रिय था। ये लोग पेशेवर सॉल्वरों को ‘स्क्राइब’ के रूप में प्रवेश दिलाते थे ताकि परीक्षा में आसानी से नकल कराई जा सके।
4. गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राज किशोर, नीरज झा (दिल्ली), राम मिलन, सत्यम कुमार, मनीष मिश्रा (सरगना), आकाश अग्रवाल, सौरभ सोनी, अभिषेक यादव और दीपक कुमार शामिल हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी झांसी और आसपास के जिलों के रहने वाले हैं।
5. कानूनी कार्रवाई
इन सभी के खिलाफ लखनऊ के थाना विकासनगर में मु0अ0सं0 54/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
📊 एसटीएफ का एक्शन: एक नज़र में (Action Summary)
| विवरण | जानकारी |
| परीक्षा का नाम | CBSE-EMRS जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (टियर-2) |
| गिरफ्तारी का स्थान | विकासनगर, लखनऊ एवं गोरखपुर |
| मुख्य आरोपी | मनीष मिश्रा (सरगना) |
| तरीका (Modus Operandi) | फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट + पेशेवर सॉल्वर (Scribe) |
| कुल गिरफ्तार | 09 अभियुक्त |
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परीक्षाओं में नकल का यह नया तरीका (फर्जी दिव्यांगता) बेहद चिंताजनक है। यह न केवल ईमानदार अभ्यर्थियों के हक पर डाका है, बल्कि दिव्यांगजनों के अधिकारों का भी अपमान है। एसटीएफ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि नए परीक्षा कानून के तहत अब नकल माफियाओं की खैर नहीं है।












