‘चौतरफा कूटनीतिक घेराबंदी में इसराइल: तुर्की ने नेतन्याहू को “हिटलर” बताया, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति से भी भिड़ा यरूशलेम; आखिर क्यों दुनिया के खिलाफ हो रहा है इसराइल?’
दुनियाभर में घिरता इसराइल! तुर्की ने नेतन्याहू को कहा 'आज का हिटलर', तो दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के मानवाधिकार पोस्ट पर भड़का इसराइल। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के 'कैंसर' वाले बयान के बाद अब आधा दर्जन देशों से कूटनीतिक जंग। क्या वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ रहा है इसराइल? PNN24 की विशेष कूटनीतिक रिपोर्ट।

ईदुल अमीन
PNN24 News: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध अब केवल रणभूमि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़े ‘डिप्लोमैटिक वॉर’ में तब्दील हो गया है। पिछले एक हफ्ते में इसराइल का विवाद स्पेन, फ्रांस, इटली, दक्षिण कोरिया, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देशों के साथ बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल पब्लिक ओपिनियन (जनमत) अब तेज़ी से इसराइल के खिलाफ हो रहा है।
1. तुर्की: “आज का हिटलर और युद्ध अपराधी”
तुर्की और इसराइल के बीच जुबानी जंग ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दी हैं।
- तुर्की का आरोप: तुर्की के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को ‘आज के ज़माने का हिटलर’ करार दिया है। तुर्की का कहना है कि नेतन्याहू शांति वार्ता को खराब कर इलाके में विस्तारवादी नीतियां थोपना चाहते हैं ताकि वे जेल जाने से बच सकें।
- अर्दोआन का बयान: राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा कि अगर पाकिस्तान बीच-बचाव नहीं कर रहा होता, तो तुर्की इसराइल के खिलाफ युद्ध में शामिल हो जाता।
- नेतन्याहू का पलटवार: नेतन्याहू ने अर्दोआन पर अपने ही कुर्द नागरिकों के नरसंहार का आरोप लगाया।
2. दक्षिण कोरिया: मानवाधिकार के वीडियो पर रार
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने सोशल मीडिया पर इसराइली सेना द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन का एक वीडियो शेयर किया, जिससे इसराइल आगबबूला हो गया।
- इसराइल का दावा: इसराइली विदेश मंत्रालय ने इसे ‘ग़लत जानकारी’ और ‘झूठ’ करार दिया। उन्होंने राष्ट्रपति को सलाह दी कि पोस्ट करने से पहले ‘वेरिफाई’ करना बेहतर होता है।
- कोरिया का जवाब: दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसराइल ने उनके राष्ट्रपति के बयान को गलत समझा है, जो केवल बुनियादी मानवाधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता थी।
3. पाकिस्तान: ‘कैंसर’ वाले बयान पर तनातनी
इससे पहले पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इसराइली सरकार को ‘कैंसर’ कहा था, जिस पर इसराइली पीएम ऑफिस ने कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘विनाश का आह्वान’ बताया था। हालांकि, अब यह पोस्ट एक्स (X) से हटा ली गई है।
📊 कूटनीतिक विवाद: एक नज़र में (Diplomatic Conflict Tracker)
| देश | विवाद का मुख्य कारण | इसराइल की प्रतिक्रिया |
| तुर्की | अर्दोआन का युद्ध में शामिल होने का संकेत। | नेतन्याहू ने अर्दोआन को ‘कुर्द नरसंहार’ का दोषी बताया। |
| दक्षिण कोरिया | राष्ट्रपति द्वारा मानवाधिकार उल्लंघन का वीडियो शेयर करना। | ‘ग़लत जानकारी’ और ‘होलोकॉस्ट का अपमान’ बताया। |
| पाकिस्तान | रक्षा मंत्री द्वारा इसराइल को ‘कैंसर’ कहना। | ‘विनाश का आह्वान’ और ‘असहनीय बयान’ करार दिया। |
| स्पेन/फ्रांस | गाज़ा में सैन्य कार्रवाई पर आलोचनात्मक रुख। | संबंधों में ठंडापन और तीखी बयानबाज़ी। |









