‘मेरठ की सेंट्रल मार्केट में “सन्नाटा”: 35 साल पुराने एक “थप्पड़” ने उजाड़ दी 350 दुकानें; 44 इमारतें सील; रोते-बिलखते व्यापारियों ने पूछा— “70 करोड़ जमा करने के बाद भी ये सितम क्यों?”‘
मेरठ विशेष: एक 'थप्पड़' का इंतकाम और 35 साल की कानूनी जंग! सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियां सील, 350 दुकानों पर ताला और 5 हजार परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारियों के छलके आंसू। PNN24 की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

शफी उस्मानी
मेरठ (PNN24 News): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धड़कन कहे जाने वाले मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित ‘सेंट्रल मार्केट’ में बुधवार को वो मंजर दिखा, जिसने शहर को हिलाकर रख दिया। सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन में आवास विकास की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ 44 व्यापारिक संपत्तियों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से गारमेंट्स, स्पोर्ट्स और खान-पान की 350 से अधिक दुकानें बंद हो गईं, जिससे करीब 5000 लोगों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
1. फ़्लैशबैक: 1990 का वो एक थप्पड़
इस पूरी कार्रवाई की जड़ें 35 साल पुरानी एक घटना में छिपी हैं।
- विवाद की शुरुआत: साल 1990 में आवास विकास के अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार भूखंड संख्या 661/6 पर अवैध निर्माण रुकवाने पहुंचे थे।
- अहंकार की जंग: कहा जाता है कि वहां व्यापारियों ने हंगामा किया और अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। ईंट का जवाब पत्थर से देने के बजाय विभाग ने इसे ‘प्रतिष्ठा का प्रश्न’ बना लिया और 35 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी।
2. हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक: हार गए व्यापारी
साल 2014 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इन इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। व्यापारी राहत की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, लेकिन 17 सितंबर, 2025 को आए अंतिम फैसले ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कोर्ट ने कॉम्प्लेक्स नंबर 661/6 सहित सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
3. व्यापारियों का दर्द: “भीख मांग रहे हैं अपनी ही दुकान के लिए”
सेंट्रल मार्केट की सड़कों पर बुधवार को सिर्फ पुलिस के बूटों की आवाज़ और व्यापारियों की सिसकियाँ सुनाई दे रही थीं। व्यापारियों का दावा है कि उन्होंने शमन (Compounding) के नाम पर सरकार को 70 करोड़ रुपये जमा किए थे, फिर भी कार्रवाई नहीं रुकी। स्कूल, अस्पताल और बैंक—सब इस सीलिंग की ज़द में आ गए हैं।
📊 सेंट्रल मार्केट सीलिंग: एक नज़र में (Action Statistics)
| विवरण | आंकड़े/जानकारी |
| कुल सील संपत्तियां | 44 भवन (बैंक, स्कूल, अस्पताल शामिल) |
| प्रभावित दुकानें | 350 से अधिक |
| रोजगार पर संकट | लगभग 5,000 लोग |
| विवाद की अवधि | 35 साल (1990 से 2025) |
| मुख्य कारण | आवासीय भूखंड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण |












