‘बंगाल में शपथ ग्रहण के साथ ही संग्राम शुरू: ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ छेड़ी “नैतिक और राजनीतिक” जंग; विपक्ष से एकजुट होने की अपील!’
पश्चिम बंगाल में सियासी संग्राम: शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही ममता बनर्जी ने शुरू किया 'आतंक के खिलाफ' आंदोलन। टैगोर जयंती पर विपक्ष को एकजुट होने की अपील, कहा- "देश बचाओ गणतांत्रिक मंच को नहीं मिली अनुमति"। PNN24 की विशेष रिपोर्ट।

आफताब फ़रुकी
कोलकाता (PNN24 News): पश्चिम बंगाल की राजनीति ने शनिवार को एक नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहाँ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार की कमान संभाली, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर भाजपा के खिलाफ एक व्यापक आंदोलन की घोषणा कर दी है।
1. “आतंक के राज” के खिलाफ बिगुल
ममता बनर्जी ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि राज्य में “आतंक का राज” शुरू हो चुका है। उन्होंने घोषणा की:
- नैतिक लड़ाई: भाजपा के खिलाफ टीएमसी की नैतिक और राजनीतिक लड़ाई अब शुरू हो गई है।
- विपक्ष की एकजुटता: ममता बनर्जी ने सभी गैर-भाजपा राजनीतिक दलों, राष्ट्रीय नेताओं, एनजीओ और निष्पक्ष मंचों से इस आंदोलन में शामिल होने का आग्रह किया है।
- वामपंथियों को न्योता: उन्होंने वामपंथी और अति-वामपंथी दलों से भी अपील की है कि वे बंगाल और दिल्ली में भाजपा के खिलाफ एकजुट हों।
2. टैगोर जयंती और अनुमति का विवाद
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ‘देश बचाओ गणतांत्रिक मंच’ ने टैगोर जयंती मनाने के लिए तीन स्थानों पर अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर उनकी प्रेरणा हैं और उनके विचारों के साथ यह लड़ाई जारी रहेगी।
3. चुनावी गणित और नई सरकार
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने बंगाल की तस्वीर बदल दी है:
- भाजपा की बड़ी जीत: भाजपा ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- टीएमसी का प्रदर्शन: ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी इस चुनाव में केवल 80 सीटों पर ही सिमट गई।












