‘PNN24 वर्ल्ड: “भारत में 64 करोड़ वोटर्स के पास Photo ID तो अमेरिका में क्यों नहीं?”— ट्रंप ने भारतीय चुनाव आयोग का दिया हवाला; US में ‘सेव एक्ट’ पर सियासी घमासान’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बयान का हवाला देते हुए अमेरिका में वोटिंग के लिए वैध फोटो ID और नागरिकता प्रमाण अनिवार्य करने की मांग की है। 2026 मिडटर्म चुनाव से पहले 'सेव अमेरिका एक्ट' को लेकर अमेरिका में सियासी जंग छिड़ गई है। पढ़ें PNN24 की पूरी रिपोर्ट।

आदिल अहमद 

PNN24 News: अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले ‘मिडटर्म चुनावों’ (Midterm Elections) से ठीक पहले वोटिंग नियमों और वोटर पहचान पत्र की अनिवार्यता को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) की पारदर्शी प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए अमेरिका में भी हर नागरिक के लिए अनिवार्य वैध फोटो पहचान पत्र (Valid Photo ID) और नागरिकता प्रमाण लागू करने की जोरदार वकालत की है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से हुई अपनी बातचीत का जिक्र किया और रिपब्लिकन पार्टी के ‘सेव अमेरिका एक्ट’ (Safeguard American Voter Eligibility Act) को तुरंत पास करने की मांग की।

🗣️ ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का बयान: “भारत से सीखे अमेरिका”

डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे सवाल किया था कि अमेरिका में बिना वैध फोटो पहचान पत्र के चुनाव कैसे कराए जाते हैं?

  • 2024 के भारतीय चुनाव का आंकड़ा: ट्रंप ने कहा कि भारत के 2024 लोकसभा चुनाव में 64.6 करोड़ मतदाताओं ने भाग लिया था, जिनमें से 1 प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक (Postal Ballot) से वोट डाला। भारत में हर मतदाता के पास वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
  • राष्ट्रीय आपातकाल: ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से मांग की कि ‘सेव एक्ट’ को पारित करना अमेरिका के लिए सुरक्षा की दृष्टि से एक राष्ट्रीय आपातकाल के समान है।

📜 क्या है ‘सेव अमेरिका एक्ट’ (SAVE Act)?

रिपब्लिकन पार्टी द्वारा पेश किए गए इस कानून का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता लाना और अवैध मतदान को रोकना है:

  1. नागरिकता का प्रमाण: वोटर रजिस्ट्रेशन के समय यह साबित करना होगा कि व्यक्ति अमेरिकी नागरिक है।
  2. अनिवार्य फोटो ID: मतदान केंद्र (Polling Booth) पर वोट डालने से पहले ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या सरकारी फोटो आईडी दिखाना आवश्यक होगा।
  3. नाम बदलने वालों पर नियम: जिन लोगों के नाम (जैसे शादी के बाद महिलाओं के नाम) बदले हैं, उन्हें अतिरिक्त सत्यापन दस्तावेज देने होंगे।

⚔️ रिपब्लिकन बनाम डेमोक्रेट्स: मिडटर्म 2026 की बड़ी लड़ाई

इस कानून को लेकर अमेरिकी संसद और राजनीति दो धड़ों में बंट गई है:

  • रिपब्लिकन पार्टी का तर्क: कड़े फोटो आईडी नियम और नागरिकता सत्यापन से चुनावी धोखाधड़ी रुकेगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुरक्षित होगी।
  • डेमोक्रेट्स का विरोध: विपक्षी डेमोक्रेट्स का कहना है कि अनिवार्य आईडी नियम से लाखों योग्य अमेरिकी वोट डालने से वंचित हो जाएंगे। थिंक टैंक ‘ब्रेनन सेंटर’ के अनुसार, करीब 2.1 करोड़ अमेरिकियों के पास नागरिकता के तत्काल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं और 26 लाख लोगों के पास सरकारी फोटो आईडी नहीं है।

3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनावों में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की एक-तिहाई सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में वोटिंग नियमों पर छिड़ी यह बहस अमेरिका की भावी राजनीति की दिशा तय करेगी।

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