मन मे रह गयी परिवार को संवारने की हसरत, मरने के 3 महीने बाद वतन वापस आया युवक का शव

हमारी खबर का संज्ञान लेकर मृतक के परिजनों ने किया प्रयास 

हरिशंकर सोनी 

सुल्तानपुर. विदेश कमाने गये सुरेन्द्र कुमार (35 वर्ष) पुत्र रघुनन्दन निवासी ग्राम महमूदपुर पोस्ट उनुरखा थाना अखन्डनगर तहसील कादीपुर जनपद सुलतानपुर ने कभी सपने मे भी नही सोचा होगा की जा तो रहे है कमाने लेकिन वापस घर पर मेरी  लाश ही आयेगी, विदेश मन्त्री सुषमा स्वराज व समाजसेवी अब्दुल हक निवासी नगर पंचायत कादीपुर के अथक प्रयास के बाद तीन महिने बाद सुरेन्द्र का शव अपने वतन लाया गया

अब्दुल हक के प्रयास से अपने घर पर लायी गयी डेडबाडी, जिससे चर्चा का विषय बने अब्दुल हक की लोगो ने भूरी भूरी प्रशसा किया. सुरेन्द्र की माता प्रभावती देवी ने कहा की हम जानत होईत तो बिदेश कबहू न भेजती  की चित्कार सुनकर गॉव मे हर शख्स के आँखों के कोने नम कर गया. पत्नी कृष्णावती पर मानो गमो का पहाड़ टूट पडा़ हो, तीन बच्चो के सर से पिता का साया उठ गया है.

मृतक दिनॉक  9-9-14को पहली बार सऊदी अरब के दम्माम शहर मे भोजन बनाने के काम मे गया था और वापस 4-7-16 को भारत आया, दूसरी बार  20-11-16 को दुबारा विदेश कमाने गया था. मगर उसी दिन शाम सात बजे उनकी पत्नी के मोबाईल पर सऊदी अरब के मोबाईल नम्बर 009665361921512 से फोन पर सूचना आई कि आपके पति का देहांत हो गया है सुचना देने वाले ने अपना नाम राकेश बताया और कहाकि आप अपने तहसील से एफीडेबिट बनवाकर मेरे बाट्यसप नम्बर पर बाट्यसप कर देना जबकी सुरेन्द्र कुमार जहा पर काम करता था उसका मोबाईल नम्बर 00966595919314 पर बाते होती थी लेकिन उसके बाद से ही मोबाईल फोन पर घंटी जाती है लेकिन फोन नही उठता. इसी दौरान विदेश में मृत रुपी हरिजन की खबर को PNN24 ने प्रमुखता से उठाया था और उसके मृत शरीर के अपने वतन वापसी की खबर को भी प्रमुखता से दिखाया था. इधर मृतक के परिवार वालो ने पीएनएन 24 पर चली रुपी हरिजन के खबर खबर को पढ़ने के बाद अब्दुल हक़ को तलाश करते हुये कादीपुर आ पहुचे जहा पर काफी खोजबीन करने के बाद समाजसेवी अब्दुल हक से मिले व अपना दर्द बयान किया जिसको बाद अब्दुल हक ने जिम्मा लिया की हम आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगे व उनके द्वारा तीन महिने के अथक प्रयास के बाद मृतक का शव वापस वतन लाया  गया, 
ज्ञातव्य हो कि इसके पूर्व मे कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के सरायकल्याण गॉव निवासी रूपी हरिजन पुत्र शिवराज जो कि वर्षो  पहले ही रोजी रोटी के सिलसिले मे सऊदी अरब के रियाद शहर मे पहुचे थे लगभग 7वर्षो से अरब देश मे नौकरी कर रहा रूपी अचानक एक दिन गायब हो गया दूर देश से कोई हाल खबर नही आने के कारण परिवार वाले काफी परेशान हो उठे थे परिवार तिल तिल कर जीने को मजबूर अपने मुखिया का पता लगाने जब परिवार वाले नाकाम रहे तो उसी समय अब्दुल हक नाम का एक युवक रूपी हरिजन के परिवारी जनो के बीच फरिस्ता बनकर सामने आये खोजने मे मेहनत का परिणाम रंग लाया रूपी मिला तो लेकिन एक लाश के रूप मे रूपी की लाश बिदेश मन्त्रालय के सहयोग से सऊदी सरकार ने भारत भेजा. 

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