जौहर यूनिवर्सिटी को अधिग्रहण करवाने को लेकर फैसल लाला पहुचे राज्यपाल के द्वार

गौरव जैन

रामपुर – शायद राजनीत का हिस्सा तो नहीं कह सकते है इसको, क्योकि सरकार बदलते ही मुखर होकर आज़म खान का विरोध सिर्फ इस कारण कि वह आज़म खान है यह राजनीत का हिस्सा नही हो सकता है. जितनी शिद्दत के साथ कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल लाला आज़म खान का विरोध करते हुवे जौहर यूनिवर्सिटी के पीछे पड़े है अगर उतनी शिद्दत उन्होंने तब दिखाई होती जब उस विश्वविद्यालय पर बुलडोज़र चल रहा था तो शायद यूनिवर्सिटी तब टूटी नही होती. भले ही फैसल लाला इसको राजनैतिक हथकंडा कहे मगर जिस प्रकार से फैसल लाला जौहर यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट का विरोध कर रहे है उतनी शिद्दत के साथ विरोध तो भाजपा भी नही कर रही है. शायद भाजपा के नेताओ को इस बात का ख्याल होगा कि जैसे भी हो मगर एक विश्वविद्यालय बच्चो के पढने के काम ही आयेगे.

जी हां, अब फैसल लाला जौहर यूनिवर्सिटी के अधिग्रहण हेतु राज्यपाल के दरबार में अपनी फ़रियाद लेकर पहुचे है. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल खा लाला एक डेलिगेशन के साथ लखनऊ राजभवन पहुंचे। डेलिगेशन में शिया धर्म गुरु मौलाना हब्बीब हैदर, स्वार नगर पालिका चेयरमैन शफ़ीक़ अंसारी, अमील शम्सी, शमील शम्सी, रिटायर्ड सीओ नरेंद्र पाल आदि लोग मौजूद रहे। डेलिगेशन ने तीन अलग अलग मेमोरेंडम राज्यपाल राम नाईक को सौंपे

जौहर यूनिवर्सिटी को अधिग्रहण करे सरकार

कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में एक एक इमारत सरकार के पैसे से बनी है, 80 प्रतिशत ज़मीन सरकार ने दी है और 20 प्रतिशत ज़मीन चंदे के पैसे से खरीदी गयी है, बावाजूद इसके वहां बच्चों से मोटी फीस वसूली जाती है, कहा जिस तरह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जामिया और हैदराबाद यूनिवर्सिटी में मात्र तीन हज़ार में ग्रैजुवेशन और पचास हज़ार में डॉक्टर और इंजिनियर बन जाता है. ठीक उसी तरह अगर जौहर यूनिवर्सिटी को सरकार अधिग्रहण कर ले तो अल्पसंख्यक समुदाय को इसका सीधा फायदा पहुंचेगा। कहा जौहर ट्रस्ट पूरी तरह फ़र्ज़ी है जिसने अल्पसंख्यको के नाम पर हज़ारो करोड़ का चूना सरकार को लगाया है. जिसकी रिपोर्ट वर्तमान ज़िलाधिकारी रामपुर ने शासन को भेजी है. इसलिए अति शीघ्र जौहर ट्रस्ट को भंग कर जौहर यूनिवर्सिटी को अधिग्रहण किया जाए।

चेयरमैन के अधिकार सीज़ किये जाएं

कहा कि रामपुर नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम पर है, बापू मॉल की हज़ारो दुकानें सालों से खाली पड़ी हैं. लेकिन वह जानता को नहीं दी जा रही हैं. चेयरमैन बापू मॉल जौहर ट्रस्ट को देना चाहती हैं. इसलिए सभासदों पर दबाव बनाकर मॉल का प्रताव बोर्ड की मीटिंग में गिरवा दिया जाता है। चार करोड़ की सुईपर मशीने नगर पालिका क्षेत्र से बाहर जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई के लिए लगाई गईं हैं, इसी तरह नगर पालिका क्षेत्र से बाहर आज़म खा के हमसफ़र रिज़ोर्ट में टीयूब्वेल और यूनिवर्सिटी में करोड़ो का ओवर हेड टैंक भी नगर पालिका ने बनाया है, साल 2015 में कूड़ा डिस्पोज़ल प्लांट लगाने के नाम पर 5 करोड़ का पेमेंट नगर पालिका के खाते से निकाला गया, लेकिन आज तक प्लांट नहीं लगाया गया. इसलिए न सिर्फ चेयरमैन के अधिकार सीज़ किये जाएं बल्कि उनसे सरकारी धन के गबन की रिकवरी की जाए साथ ही चेयरमैन और दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जाए।

आज़म की सियासत की भेंट चढ़ा लालपुर पुल

कहा कि आज़म ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बिना नया पुल बनवाए पुराने लालपुर पुल को न सिर्फ धवस्त करवाया बल्कि उसका करोड़ो का मालवा गार्डर्स आदि सामान जौहर ट्रस्ट को मुफ़्त में दे दिया। पुल टूटने के कारण तहसील टांडा के लगभग 5 लाख लोगों का संपर्क ज़िला मुख्यालय से कटा हुआ है। इसलिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए साथ ही लालपुर के पुल को अतिशीध्र बनवाया जाए।

फैसल खान लाला ने मीडिया से रूबरू होते हुवे कहा है कि हमारे मांगो पर महामहीम राज्यपाल राम नाईक ने सभी मामलो को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *