सोशल डिस्टेंस के नियमो को ताख पर रखकर हुई अधिकारियो और शहर क़ाज़ी तथा अन्य बुद्धिजीवियों के साथ बैठक, देखे तस्वीरे

तारिक आज़मी

कानपुर। कानपुर में सोशल डिस्टेंस को मेंटेन रखने के लिए मस्जिदों में आखरी जुमा अलविदा की नमाज़ और ईद की नमाज़ नही होगी. इसके लिए बुलाई गई कानपुर के अधिकारियो और स्थानीय सम्भ्रांत नागरिको की बैठक में खुद सोशल डिस्टेंस ताख पर रखा दिखाई दिया. एक के ऊपर एक खड़े होकर लोगो की कोशिश केवल अधिकारियो के साथ फोटो खिचवाने की रही. इनमे से किसी को भी ये ध्यान नही रहा कि सोशल डिस्टेंस के नियम उनके लिए भी लागू होते है.

 

बैठक खत्म होने के बाद लोग इस प्रकार से व्यवहार कर रहे थे जैसे उनके खुद की आँखों में एक स्पेशल स्कैनर फिट हो और वो देख लेंगे कि उनके आसपास कोई संक्रमित नही है. जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियो की मौजूदगी में जिस प्रकार से इन लोगो ने सोशल डिस्टेंस की धज्जिया उड़ाई वह वाकई एक अचम्भे वाली बात रही.

बहारहाल, अब मुख्य खबर पर आते है, यानी की बैठक की खबरों पर आते है. जिलाधिकारी डॉ0 ब्रह्मदेव राम तिवारी व डीआईजी/ एसएसपी अनंत देव,अपर जिलाधिकारी नगर विवेक श्रीवास्तव, एसपी पश्चिम अनिल कुमार, एसपी ईस्ट राजकुमार अग्रवाल तथा शहर काजी व अन्य मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी अलविदा की नमाज तथा ईद नमाज अदा करने  के संबंध में बैठक  की। जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त ईदगाहो व मुस्लिम बहुल्य क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर सफाई कराने के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि बिजली ,पानी की आपूर्ति भी बराबर की जाये तथा आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई हो यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहां की पूरा देश कोविड-19 कोरोना वायरस आपदा से जूझ रहा है। जिसके दृष्टिगत सभी कानपुर वासियो ने  इस लड़ाई से लड़ने के लिए अभी तक पूर्ण सहयोग दिया है, जिसकी वजह से वर्तमान में मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है ।कानपुर नगर में  तेजी से कोरोना मरीज  स्वस्थ्य  हो रहे हैं ।आज तक 277 लोग उपचार के उपरांत डिस्चार्ज हुए है । आज कानपुर नगर में कुल 31 एक्टिव केस ही शेष बचे है। अभी तक जैसा सभी ने सहयोग दिया है आगे आने वाले समय में भी सभी का सहयोग अपेक्षित है ।इस लड़ाई से लड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ही सोशल वैक्सीन है जिसके मद्देनजर  लोगों ने  अपने घरों में नमाजे अदा करी हैं, इस महामारी से बचने के लिए सभी लोग अपना पूर्ण रूप से सहयोग दे रहे है। उन्होंने कहा की आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई लगातार  की जा रही है इसके लिए प्रशासन ने पूरी रणनीति के साथ कार्य किया है। किसी भी प्रकार से अभी तक कोई समस्या नहीं हुई है और आगे भी नही होगी।

बैठक में मौलाना मोहम्मद आलम रजा नूरी काजि ए शहर कानपुर  ने बताया कि चौथा लॉक डाउन शुरू हो गया है जिसमें अलविदा और  ईद भी नमाजे आ रही है इसको ले करके हमारे शहर के अन्दर बड़ी बेचैनी थी। जिसको लेकर मैंने शासन प्रशासन स्तर पर कोशिश की , और शासन ने मेरी आवाज़ भी ऊपर तक पहुंचाई मगर यह मामला मुल्की लेविल पर है समस्त भारत में लाक डाउन है इसलिए जो 7 भी फैसला लिया जाएगा पूरे मुल्क को सामने रखकर उच्च स्तर पर लिया जाएगा, कोरोनावायरस महामारी की बढ़ती संख्या इस बात की इजाजत नहीं देती कि एक साथ बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर नमाजे ईद पढ़ी जा सके।

उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान नमाजो का होना या ईदगाह में ईद की नमाजे पढ़ना इन्हीं हालात के तहत मुमकिन नहीं है। जिला प्रशासन ने सभी लोगों से यह गुजारिश की है कि जिस तरीके से अभी तक जुमे की नमाजे और  जो भी नमाजे आप लोगो द्वारा  पढ़ते रहे हैं इसी तरह से अलविदा की नमाज तथा ईद की नमाज भी अपने घरों में अदा करें ताकि इस बीमारी से सभी को निजात मिल सके।

मीटिंग में मुख्य रूप से शहर काजी कानपुर मौलाना आलम रजा खान नूरी मौलाना हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी मौलाना मति उल हक ओसामा मौलाना अली अब्बास खा हाफिज मामूर मुजाहिर ई मौलाना हाशिम अशरफी मौलाना हामिद हुसैन कारी सगीर आलम महबूब आलम खान अब्दुल माबूद हाशिम रिजवी नासिर एडवोकेट सरफराज खान मुफ्ती रफी अहमद कारी अब्दुल मुत्तलिब मौलाना असगर यार अल्वी मोहम्मद सरताज आदि थे।

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